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100 क्लाइमेट स्मार्ट विलेज और 10 करोड़ किसानों तक ICAR टेक्नोलॉजी पहुँचाने का केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने दिया लक्ष्य

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  ICAR के 98वें स्थापना दिवस पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का स्पष्ट विज़न समारोह में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह, रामनाथ ठाकुर, भागीरथ चौधरी, एस.पी. सिंह बघेल भी हुए शामिल नई दिल्ली ;  भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) का 98वां स्थापना दिवस आज नई दिल्ली के भारत रत्न सी. सुब्रमणियम ऑडिटोरियम, NASC कॉम्प्लेक्स में मनाया गया, जहाँ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विकसित भारत 2047 के लिए विकसित कृषि और समृद्ध किसान का रोडमैप सामने रखा। उन्होंने एक तरफ 150 से ज़्यादा कर्मचारियों को पहली बार नियमित नियुक्ति देकर खुशी साझा की, तो दूसरी तरफ 100 क्लाइमेट स्मार्ट विलेज, हर संस्थान से परिवर्तनकारी इनोवेशन, 10 करोड़ किसानों तक ICAR टेक्नोलॉजी पहुँचाने, नकली बीज–कीटनाशक पर सख्त कानून और डिजिटल नॉलेज प्लेटफॉर्म जैसे ठोस लक्ष्य और संकल्प रखे। “किसान आत्मा हैं, वैज्ञानिक मस्तिष्क” अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज का दिन सिर्फ स्थापना दिवस नहीं, उन पीढ़ियों को प्रणाम करने का दिन है जिनकी तपस्या ने अभाव क...

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने सीएसआर को ट्रस्टीशिप की भारतीय परंपरा से जोड़ा, सबके हित में धन समर्पित करने का आह्वान

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नई दिल्ली: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा आयोजित “कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) कॉन्क्लेव 2026” में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीएसआर को भारतीय परंपरा की ट्रस्टीशिप भावना से जोड़ते हुए कहा कि देश हमें सब कुछ देता है, इसलिए कॉर्पोरेट जगत अपनी कमाई का हिस्सा किसानों, कृषि अनुसंधान और ग्रामीण समाज के हित में समर्पित कर देश के विकास में साझेदार बने। उन्होंने जोर देकर कहा कि रिसर्च लैब में कैद न रहे, बल्कि “विज्ञान से किसान तक” का पुल बने, ताकि जलवायु अनुकूल खेती, मृदा स्वास्थ्य, पोषण-सुरक्षित भोजन, कृषि कौशल विकास और महिला किसानों की उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में सीएसआर निवेश से वास्तविक जमीन स्तर पर बदलाव दिखे। सीएसआर को ‘ट्रस्टीशिप’ की भावना से जोड़ा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह कॉन्क्लेव एक ऐसा समागम है जिसमें कॉर्पोरेट जगत, मंत्री, वैज्ञानिक, अधिकारी और किसान सभी एक ही मंच पर जुड़े हैं, जैसे कृषि के लिए एक कम्पलीट वैल्यू चेन बन गई हो। उन्होंने महात्मा गांधी का हवाला देते हुए कहा कि जिनके पास अधिक धन है, ...

विधानमंडल लोकतंत्र की ‘पाठशाला’ हैं, जहाँ जनप्रतिनिधि संवाद, सहमति और सेवा के मूल्यों का संस्कार प्राप्त करते हैं ; ओम बिरला

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  जयपुर  : लोक सभा अध्यक्ष   ओम बिरला ने आज कहा कि विधानमंडल केवल कानून बनाने वाले संस्थान नहीं हैं , बल्कि वे लोकतंत्र की ऐसी ‘ पाठशालाएँ ’ हैं जहाँ जनप्रतिनिधि संवाद , अनुशासन , सहमति और सेवा के मूल्यों का संस्कार प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता के प्रति अपने दायित्वों का पूर्णतः बोध होना चाहिए , क्योंकि लोकतंत्र केवल संवैधानिक प्रावधानों से नहीं , बल्कि जनविश्वास , संवाद , गरिमा और सेवा - भावना से सुदृढ़ होता है। श्री बिरला राजस्थान विधान सभा के 75 वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित अमृत महोत्सव के अंतर्गत ‘ विधान गौरव यात्रा : भूतपूर्व एवं वर्तमान सदस्यों का सम्मेलन ’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। राजस्थान विधान सभा को अपने सार्वजनिक जीवन की “ प्रथम पाठशाला ” बताते हुए श्री बिरला ने कहा कि इसी सदन में अर्जित लोकतांत्रिक मूल्य , संसदीय परंपराएँ और विधायी आचरण ने उन्हें छात्र नेता से विधायक , सांसद और अंतत...