जिस घर में दिखे कॉकरोच, उसे खत्म करने की कोशिश होती है; कॉकरोच जनता पार्टी: क्या नाम ने ही डुबो दी राजनीति?
**लेखक डॉ उमेश शर्मा राजनीति में किसी दल का नाम केवल उसकी पहचान नहीं होता, बल्कि वही मतदाताओं के मन में उसकी पहली छवि भी गढ़ता है। नाम, प्रतीक और संदेश मिलकर किसी राजनीतिक संगठन की ब्रांडिंग तय करते हैं। ऐसे में यदि किसी राजनीतिक संगठन का नाम “कॉकरोच जनता पार्टी” रखा जाए, तो यह केवल एक नाम नहीं बल्कि एक जटिल मनोवैज्ञानिक और सामाजिक प्रयोग बन जाता है। आख़िर जिस जीव को देखकर अधिकांश लोग असहज हो जाते हैं, उससे जुड़ा नाम जनता के बीच किस तरह की प्रतिक्रिया पैदा करेगा? क्या ऐसा नाम राजनीतिक लाभ दे सकता है या फिर शुरुआत से ही नुकसान का कारण बन जाता है? *नाम का मनोविज्ञान: पहली छवि ही आख़िरी छवि?* कॉकरोच या तेलचट्टा उन जीवों में गिना जाता है जिनसे अधिकांश लोगों को घृणा, डर या असुविधा का अनुभव होता है। मनोविज्ञान में इसे “*नकारात्मक संबद्धता”* कहा जाता है। जब किसी शब्द के साथ पहले से ही नकारात्मक भावनाएँ जुड़ी हों, तो उसे सकारात्मक राजनीतिक पहचान में बदलना बेहद कठिन हो जाता है। मतदाता किसी दल की विचारधारा पढ़ने से पहले उसका नाम सुनते हैं। ऐसे में “कॉकरोच” शब्द: * स्वच्छता के विपरीत छ...