'शहरों की चकाचौंध में गाँव, गरीब और खेती को न भूलें': शिवराज सिंह चौहान
नई दिल्ली; केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली में आयोजित प्रतिष्ठित 'डूइंग गुड फॉर भारत अवॉर्ड्स 2026' एवं तीन दिवसीय 'वन पर्पस इंडिया फोरम (OPIF)' के समापन समारोह में सहभागिता की। इसमें बतौर मुख्य अतिथि अपने प्रेरक संबोधन में केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने भारतीय दर्शन, गांधीवादी ट्रस्टीशिप, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण सशक्तिकरण को समाज सेवा तथा कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) की सच्ची आत्मा बताया। समारोह में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय चिंतन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति का मूल मंत्र ही 'आत्मवत सर्वभूतेषु', 'वसुधैव कुटुंबकम' और 'प्राणियों में सद्भावना हो व विश्व का कल्याण हो' रहा है। महाभारत के यक्ष प्रश्न का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा आश्चर्य यह है कि मनुष्य जानते हुए भी कि यह संसार स्थायी नहीं है, सब कुछ केवल अपने लिए जोड़ने में लगा रहता है। उन्होंने कहा कि हम इस दुनिया में एक धर्मशाला की तरह ठहरे हैं। महात्मा गांधी के विचा...