ऑनलाइन डिलीवरी फील्ड में जाने से गारमेण्ट एक्सपोर्ट उद्योग को झेलना पड़ रहा है श्रमिकों का टोटा
*********** -राजेश बैरागी- हुए नामवर बे-निशाँ कैसे-कैसे,ज़मीं खा गई आसमाँ कैसे-कैसे!-अमीर मीनाई नोएडा: क्या आप जानते हैं कि कभी गारमेण्ट एक्सपोर्ट औद्योगिक इकाइयों में काम करने के लिए लालायित रहने वाले श्रमिक आजकल ऑनलाइन डिलीवरी क्षेत्र की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं? नोएडा के सेक्टर 24 स्थित अपै्रल ट्रेनिंग एंड डिजाइनिंग सेंटर में आज बुधवार को एक प्रेस वार्ता में गारमेण्ट एक्सपोर्ट क्षेत्र के उद्यमियों तथा अधिकारियों ने यह रहस्योद्घाटन करते हुए बताया कि इस पलायन से कपड़ा उद्योग को श्रमिकों की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। 'एक जिला-एक उत्पाद' के तौर पर जनपद गौतमबुद्धनगर को गारमेण्ट एक्सपोर्ट के लिए पहचाना जाता है। यहां नोएडा में साढ़े चार हजार कपड़ा बनाने वाली औद्योगिक इकाइयां कार्यरत हैं। दावा किया जाता है कि इनमें दस लाख लोगों के लिए रोजगार उपलब्ध है। परंतु हमेशा पच्चीस प्रतिशत श्रमिकों की कमी के साथ यह उद्योग चलता है।गत अप्रैल माह में श्रमिकों के हिंसक आंदोलन से श्रमिकों की कमी और बढ़ी है। प्रत्येक अपै्रल औद्योगिक इकाइ के बाहर कुशल अकुशल श्रमिकों की ...