"*दीदी का ड्रामा : हवाई चप्पल से लेकर व्हीलचेयर तक — जब राजनीति बन जाए थिएटर"*
डॉ उमेश शर्मा यह लेख मनोवैज्ञानिक डायग्नोसिस नहीं है। "हिस्ट्रिऑनिक पर्सनैलिटी डिसऑर्डर" एक क्लिनिकल स्थिति है जिसे सिर्फ मनोचिकित्सक तय कर सकते हैं। यहां हम सिर्फ ममता बनर्जी के सार्वजनिक व्यवहार का विश्लेषण कर रहे हैं, जिसे राजनीतिक विश्लेषक "*हाई-ड्रामा, अटेंशन-सीकिंग स्टाइल*" कहते हैं। बंगाल की राजनीति हमेशा से सिनेमा हॉल जैसी रही है — नारे, भावनाएं, और एक हीरो। ममता बनर्जी ने इस थिएटर को नया मुकाम दिया। 40 साल के करियर में उन्होंने सफेद साड़ी और हवाई चप्पल को सत्ता का प्रतीक बना दिया। सवाल उठता है: क्या ये "हिस्ट्रिऑनिक स्टाइल" है या बंगाल की जमीन पर टिकने की मजबूरी? *हिस्ट्रिऑनिक स्टाइल के 10 रंग, दीदी के 10 उदाहरण:* *1. ध्यान का केंद्र बनने की कला* 2021 का विधानसभा चुनाव याद कीजिए। नंदीग्राम में पैर में चोट लगी और दीदी व्हीलचेयर पर आ गईं। अगले 2 महीने हर रैली, हर टीवी डिबेट का फोकस "घायल दीदी" पर था। नीति, घोषणा-पत्र सब पीछे छूट गए। अटेंशन पूरी तरह शिफ्ट। *2. भावनाओं का रोलर-कोस्टर* ममता का भाषण सुन...