जलता यूरोप, धधकता परिदृश्य : युवाओं का असंतोष या फिर कुछ और
डॉ शैलेश शुक्ला, वैश्विक समूह संपादक, सृजन संसार अंतरराष्ट्रीय पत्रिका समूह यूरोप की सड़कों पर उठता धुआँ केवल युवाओं की नाराजगी का संकेत नहीं है। इसके पीछे महँगाई , आवास की अनुपलब्धता , सार्वजनिक सेवाओं पर दबाव , राजनीतिक अविश्वास और भविष्य को लेकर बढ़ती चिंता जैसे अनेक प्रश्न हैं। अक्टूबर 2026 के घटनाक्रम पर एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट बताती है कि फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था और जीवनयापन की लागत से जुड़ी शिकायतें व्यापक विरोध का हिस्सा बनी हैं। इटली में वेतन , स्वास्थ्य सेवाओं , रोजगार और आवास की माँगें उठी हैं। स्पेन तथा पुर्तगाल में किफायती मकानों का प्रश्न प्रमुख है , जबकि अल्बानिया में भ्रष्टाचार और शासन की जवाबदेही के विरुद्ध प्रदर्शन हुए हैं। इन घटनाओं को एक ही आंदोलन का हिस्सा मानना तथ्यों से आगे बढ़ना होगा। फिर भी इनमें एक साझा प्रश्न अवश्य दिखाई देता है : क्या यूरोप की आर्थिक समृद्धि उसके सामान्य नागरिकों के जीवन में पर्याप्त सुरक्षा और अ...