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भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी पर आधारित पहली कॉफी टेबल बुक का भव्य विमोचन

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एस एन वर्मा  नई दिल्ली । भारत रत्न श्रद्धेय  अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन, विचारों एवं राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान पर आधारित पहली कॉफी टेबल बुक “Atal Bihari Vajpayee: The Eternal Statesman” का विमोचन आज डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर, जनपथ, नई दिल्ली में गरिमामय समारोह के बीच संपन्न हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन, राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागड़े, बिहार के राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान, हरियाणा के राज्यपाल श्री प्रो. आशिम कुमार घोष तथा प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ श्री डॉ. एम. एम. जोशी उपस्थिति रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यपाल  हरिभाऊ बागड़े, राज्यपाल  आरिफ मोहम्मद खान, राज्यपाल  प्रो. आशिम कुमार घोष एवं  डॉ. एम. एम. जोशी द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल  हरिभाऊ बागड़े ने अपने संबोधन में कहा कि मैं स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी को निकट से देखने और उनके साथ समय बिताने का अवसर प्राप्त हुआ। अटल जी भारतीय राजनीति के ऐसे युगपुरुष थे, ...

कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित चिकित्सा उपकरणों की मदद से मरीजों का हो सकेगा सटीक उपचार ; केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह

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 एस एन वर्मा नई दिल्ली। केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा पृथ्वी विज्ञान, प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन और परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से विकसित उपकरण अब चिकित्सा जांच में व्यक्तिगत अनुमान या जांच परिणामों में अंतर को समाप्त करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इससे मरीजों को अधिक सटीक और स्पष्ट उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा। मेडलुमिना 2026  इंटरनेशनल मल्टी स्पेशियलिटी मेडिकल कॉन्फ्रेंस में उद्घाटन भाषण देते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने उदाहरण देते हुए बताया कि जब कोई पैथोलॉजिस्ट नंगी आँखों से कैंसर मरीज़ की बायोप्सी स्लाइड की जाँच कर रहा होता है, तो वह अनजाने में प्रभावित सेल्स के एक छोटे लेकिन ज़रूरी क्लस्टर को परखने से चूक सकता है, वहीं एक ए आई -इनेबल्ड सिस्टम उसे सीधे और सही जगह तक गाइड कर सकता है, जिससे मानवीय त्रुटियों को कम से कम किया जा सकता है। इसी तरह, क्लिनिकल जाँच में, मरीज़ के पूरे डेटा का विश्लेषण करने वाले ए आई टूल्स उन परिणामों को चिन्हित कर सकते हैं ज...

एआई का उपयोग सत्य और विश्वसनीयता को सुदृढ़ करने के लिए हो, तथ्यों को विकृत या दबाने के लिए नहीं ; लोक सभा अध्यक्ष

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  एस एन वर्मा नई दिल्ली । लोक सभा अध्यक्ष ने आज डीपफेक और भ्रामक सूचना से उत्पन्न हो रही चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित किया। इन्हें लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताते हुए उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग सत्य और विश्वसनीयता को सुदृढ़ करने के लिए किया जाना चाहिए, न कि तथ्यों को विकृत या दबाने के लिए। उन्होंने लोकतांत्रिक विमर्श को भ्रम और दुष्प्रचार से सुरक्षित रखने के लिए तकनीकी प्रगति के साथ-साथ सुदृढ़ सुरक्षा उपाय विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। आज भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के अंतर्गत “एआई फॉर डेमोक्रेसी” पर विशेष सत्र को संबोधित करते हुए श्री बिरला ने कहा कि एआई में लोकतंत्र को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जन -केंद्रित बनाने की अपार क्षमता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र का मार्गदर्शक सिद्धांत सदैव “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” रहा है और  भारत अपने शाश्वत सभ्यतागत मूल्यों के अंतर्गत  वैश्विक कल्याण की भावना के साथ कार्य करता है। विधायी कार्यप्रणाली में प्रौद्योगिकी की परिवर्तनकारी भूमिका का उल्लेख करते हुए लोक सभा अध्यक्ष ने कहा कि एआई लो...

राहुल गांधी: छवि और वास्तविकता के बीच – राजनीति, डर और आंतरिक संघर्ष

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                           डॉ उमेश शर्मा  भारतीय राजनीति में नेताओं की छवि केवल उनके व्यक्तित्व से नहीं बनती, बल्कि उनके व्यवहार, संचार शैली, सलाहकार नेटवर्क, सार्वजनिक धारणा और मीडिया के प्रभाव से गठित होती है।राहुल गाँधी के मामले में यह छवि कई बार विवादास्पद और नकारात्मक रूप ले चुकी है। उनके कई प्रश्न और टिप्पणियाँ अक्सर गलत समय पर उठाए जाते हैं, जिससे जनता और मीडिया में उनके संदेश को लेकर भ्रम और आलोचना उत्पन्न होती है। मनोवैज्ञानिक दृष्टि से उनके सार्वजनिक बयानों का समय और संदर्भ अक्सर जनता की अपेक्षाओं से मेल नहीं खाता। इसका परिणाम यह होता है कि उनके विचार “अप्रभावी” या “विचलित” प्रतीत होते हैं। उनके बॉडी लैंग्वेज कई बार डरी हुई और आक्रामक नजर आती है, जो दर्शकों पर कमजोर या असुरक्षित छवि पेश करती है। हाल ही में आयोजित AI समिट में उनके विचारों और वक्तव्य भी आलोचना और विवाद का कारण बने। विशेषज्ञ और मीडिया ने उनके सुझावों और दृष्टिकोण को अक्सर असंगत या भ्रमित करने वाला बताया, जिससे उनकी छवि और नकारात्मक रूप से ...

लोकसभा अध्यक्ष ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के शपथ-ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया

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  एस एन वर्मा  नई   दिल्ली / ढाका  :   लोकसभा   अध्यक्ष श्री   ओम   बिरला   ने   आज   ढाका   में   प्रधानमंत्री   तारिक रहमान   के   नेतृत्व   में   गठित   बांग्लादेश   की   नई   सरकार   के शपथ - ग्रहण   समारोह   में   भाग   लिया।   इस   अवसर   पर   श्री  बिरला   ने   भारत   की   जनता   की   ओर   से   श्री   तारिक   रहमान  को   हार्दिक   बधाई   दी।   लोकसभा   अध्यक्ष   ने   ढाका   में   बांग्लादेश   के   प्रधानमंत्री   तारिक   रहमान   से   भेंट   भी   की   तथा   उन्हें   प्रधानमंत्री     नरेंद्र मोदी   का   व्यक्तिगत   पत्र   सौंपा ,  जिसमें   प्रधानमंत्री   श्री  रहमान   को   सुविधानुसार   शीघ्र   भारत ...

दिल्ली विश्वविद्यालय लिटरेचर फेस्टिवल में योगदा बुक स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र

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नई दिल्ली ।  दिल्ली यूनिवर्सिटी अपने 104वें साल में कदम रख रही है, और यह स्टूडेंट्स और स्कॉलर्स की पीढ़ियों को तैयार कर रही है जो भारत की सांस्कृतिक और बौद्धिक सोच को आकार देते हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी लिटरेचर फेस्टिवल जो अभी 12 से 14 फरवरी तक दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टेडियम में चल रहा है, लिटरेचर, विचारों और अंदरूनी खोज का एक शानदार संगम बनकर उभरा है। इस साल के खास पार्टिसिपेंट्स में योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ़ इंडिया भी शामिल है, जो एक आध्यात्मिक संगठन है जिसे 1917 में परमहंस योगानंद ने क्रिया योग की यूनिवर्सल शिक्षाओं को फैलाने के लिए शुरू किया था। योगदा ने फेस्टिवल में एक सोच-समझकर डिज़ाइन किया गया और दिलचस्प स्टॉल लगाया है, जो स्टूडेंट्स, फैकल्टी मेंबर्स और ज़िंदगी, सफलता और सेहत के बारे में गहरे नज़रिए चाहने वाले विज़िटर्स की लगातार दिलचस्पी खींच रहा है। योगदा स्टॉल पर हर दिन लगभग 250-300 विज़िटर्स का शानदार आना-जाना लगा रहता है। हाउ टू लिव बुक सीरीज़ में लोगों की बहुत दिलचस्पी है, खासकर लॉ ऑफ़ सक्सेस, हू मेड गॉड?, इंट्यूशनरू सोल गाइडेंस फॉर लाइफ़ डिसीज़न्स, रिडिंग योर कॉन्शियसनेस ऑफ़ वरी, अप्ला...

12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल

नई दिल्ली। दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, और स्वतंत्र सेक्टोरल फेडरेशनों और एसोसिएशनों के संयुक्त मंच ने 12 फरवरी को पूरे देश में सभी क्षेत्रों, औपचारिक व अनौपचारिक, सरकारी, सार्वजनिक क्षेत्र, औद्योगिक क्षेत्रों, ग्रामीण और शहरी भारत में राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल और बड़े पैमाने पर लामबंदी करने का आह्वान किया है।  संयुक्त किसान मोर्चा ने अपनी मांगों पर और ट्रेड यूनियनों की मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन और लामबंदी में शामिल होने के लिए पूर्ण समर्थन दिया। इसी तरह, कृषि श्रमिक यूनियनों का संयुक्त मोर्चा भी हड़ताल में शामिल हो रहा है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार लगभग सभी राज्यों में, सभी क्षेत्रों - सरकारी, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के प्रतिष्ठानों, औद्योगिक क्षेत्रों, श्रमिकों, किसानों और ग्रामीण और शहरी भारत के आम लोगों के बीच व्यापक अभियान चलाए गए हैं। छात्र और युवा समूह कई जगहों पर ऐसे अभियानों में शामिल हुए। आम नागरिक हड़ताल की मांगों को अपना समर्थन दे रहे हैं। अधिकांश क्षेत्रों व उद्योगों में हड़ताल के नोटिस दिए गए हैं। तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। यह हड़ताल कार्रवाई एक बहुत ही नाजुक स्थि...