हिंदी का सूर्य कभी अस्त नहीं होता
दुनिया की सबसे ज्यादा बोली और समझी जाने वाली भाषा है हिंदी डॉ. शैलेश शुक्ला भाषा सिर्फ शब्दों का समूह नहीं होती , भाषा एक सभ्यता की आत्मा होती है और जब हम हिंदी की बात करते हैं तो हम सिर्फ एक भाषा की बात नहीं करते , हम एक जीवंत सभ्यता की बात करते हैं जो आज दुनिया के हर कोने में सांस ले रही है। अंग्रेजों को अपने साम्राज्य पर गर्व था कि उनके राज में सूर्य कभी अस्त नहीं होता , क्योंकि दुनिया के किसी न किसी हिस्से में उनका झंडा लहराता रहता था। आज वही गौरव हिंदी को प्राप्त है और वह भी बिना किसी तलवार और बिना किसी साम्राज्य के , सिर्फ प्रेम , फिल्म , संगीत , योग और अब इंटरनेट और एआई के दम पर। हिंदी का सूर्य कभी अस्त नहीं होता , क्योंकि जब भारत में रात के बारह बजते हैं , तो लंदन में शाम होती है और वहाँ कोई माँ अपने बच्चे को हिंदी में सुला रही होती है , जब लंदन में रात होती है तो टोरंटो में दोपहर होती है और वहाँ टैक्सी में हिंदी गाना बज रहा होता है और जब टोरंटो में रात होती है तो फिजी में सुबह होती है और वहाँ के स्कूल में बच्चे हाथ जोड़कर गा रहे होते हैं - इतनी शक्ति हमें देना दाता। यह च...