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राहुल गाँधी का साथ छोड़ नेता क्यों हट रहे हैं?—नेतृत्व, निष्ठा और राजनीति का सच

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लेखक डॉ उमेश शर्मा भारत के प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक हैं. राजनीति और जीवन का एक गहरा सत्य है—कोई भी व्यक्ति या नेता हमेशा सभी को अपने साथ नहीं रख सकता। यह केवल आज की बात नहीं है, बल्कि इतिहास और हमारे प्राचीन ग्रंथ भी इसी सच्चाई को दर्शाते हैंI इसका सबसे सशक्त उदाहरण है, जो बताता है कि समय, परिस्थितियाँ और स्वार्थ के अनुसार लोग साथ छोड़ते भी हैं और जुड़ते भी हैं। महाभारत दुर्योधन के पास एक विशाल सेना और अनेक शक्तिशाली सहयोगी थे। लेकिन जब कठिन समय आया, तो यह स्पष्ट हो गया कि सभी लोग दिल से उसके साथ नहीं थे। भीष्म पितामह और द्रोणाचार्य जैसे महान योद्धा उसके पक्ष में होते हुए भी आंतरिक रूप से द्वंद्व में थे। वे कर्तव्य निभा रहे थे, लेकिन पूर्ण समर्थन नहीं दे पा रहे थे। इसके विपरीत कर्ण जैसे कुछ ही लोग थे, जो अंत तक सच्ची निष्ठा के साथ खड़े रहे। यह प्रसंग हमें सिखाता है कि किसी नेता की असली ताकत संख्या में नहीं, बल्कि उसके साथ खड़े लोगों की निष्ठा में होती है। जब विचारों में मतभेद या नेतृत्व पर सवाल उठते हैं, तो धीरे-धीरे सहयोगी दूर होने लगते हैं। यही स्थिति आज की राजनीति में भी देखने को मिलती...

*जो आए वो गाए-4" कार्यक्रम उच्च से उच्चतम शिखर की ओर अग्रसर

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नोएडा : अनदेखी प्रतिभाओं के विकास और संवर्धन में तत्पर नोएडा की नामचीन संस्था *नवरत्न फाउंडेशन्स* का सर्वाधिक लोकप्रिय कार्यक्रम *जो आए वो गाए* अपने *चौथे सीजन के चौथे चरण* यानी *एपिसोड 4* गत 16 मार्च क्लब 27 नोएडा में, *जोशीले प्रस्तुतियों के बीच संस्था के अध्यक्ष डॉ. अशोक श्रीवास्तव के सयोंजन में संपन्न हुआ* ।  यूं तो इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए दिल्ली एनसीआर व सुदूरवर्ती इलाकों से कई प्रतिभागी पहुंचे थे जिनमें कुल 22 प्रतिभागी को हीं गाने का अवसर मिला, शेष रजिस्ट्रेशन काउंटर बंद होने के पश्चात  विलंब से पहुंचने के कारण वंचित भी हुए ।लेकिन इतने सुंदर निःशुल्क आयोजन और प्रस्तुतीकरण ने उन्हें भी अंत तक बैठने को विवश कर दिया और साथ ही साथ विलंब से आने का पश्चाताप करते हुए आगामी एपिसोड में निसंदेह समय से पूर्व आने को प्रेरित भी हुए । सभी प्रतिभावान गायकों ने एक से बढ़कर एक गीतों का चयन कर बखूबी से उन्हें प्रस्तुत किया जिसे देखकर जो आए वो गाए की पूरी टीम को एक सुखद अनुभूति हो रही है कि दिनों दिन इस बहुचर्चित कार्यक्रम के प्रति लोगों का रुझान बढ़ता जा रहा और इसके स्तर को देखत...

लखनऊ में सुन्नी प्रतिनिधिमंडल ने एकजुटता के तौर पर की शिया नेताओं सेमुलाकात, आयतुल्लाह खामनेई की शहादत पर दी श्रद्धांजलि; उम्मा की एकता काआहवान

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  लखनऊ : फिरकावाराना   सदभाव   और   एकजुटता   के   एक   सशक्त   प्रदर्शन   में ,  लखनऊ   में   सुन्नी   समुदाय से   सम्बंधित   अनेक   प्रमुख   हस्तियों   के   एक   प्रतिनिधिमंडल   ने   ईरान   के   पूर्व   सर्वोच्च   नेता आयतुल्लाह   अली   हुसैनी   खामनेई   की   शहादत   पर   हार्दिक   शोक   व्यक्त   करने   के   लिए   वरिष्ठ शिया   धर्मगुरूओं   एवं   सुन्नी   विद्वानों   से   मुलाकात   की। प्रतिनिधिमंडल   में   शामिल   थेः   श्री   अनीस   अंसारी  -  रिटायर्ड   आई   ए   एस  -  श्री   तारिक   सिद्दीकी ,  श्री   अमीक   जामेई ,  श्री   रेहान   नईम ,  श्री   सैफ   नकवी ,  श्री   मौहम्मद   खालिद ,  श्री   मलिक   फैसल ...