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सदनों में व्यवधान लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती, जनविश्वास बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी: लोक सभा अध्यक्ष

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  नई दिल्ली / चंडीगढ़ : कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन ( CPA) इंडिया रीज़न ज़ोन - II ( नॉर्थ ज़ोन ) का द्वितीय सम्मेलन , जिसका उद्घाटन कल लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला द्वारा किया गया था , आज हरियाणा के राज्यपाल प्रो . असीम कुमार घोष के समापन संबोधन के साथ संपन्न हुआ। समापन समारोह को संबोधित करते हुए लोक सभा अध्यक्ष    ने कहा कि सदनों का बार - बार बाधित होना और व्यवधान उत्पन्न होना लोकतांत्रिक संस्थाओं के सामने एक गंभीर चुनौती है। उन्होंने रेखांकित किया कि इस समस्या का समाधान विधायी संस्थाओं के भीतर जनअपेक्षाओं के अनुरूप आचरण , संवाद और सार्थक चर्चा को बढ़ावा देने में निहित है। जनता का विश्वास मजबूत करना आज सभी जनप्रतिनिधियों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों का आह्वान किया कि विधायी संस्थानों में उनका आचरण अनुकरणीय होना चाहिए , ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति का कल्याण सुनिश्चित किया जा सके। श्री बिरला ने कहा , " जैसा नेतृत्व ...

जिस घर में दिखे कॉकरोच, उसे खत्म करने की कोशिश होती है; कॉकरोच जनता पार्टी: क्या नाम ने ही डुबो दी राजनीति?

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 **लेखक डॉ उमेश शर्मा  राजनीति में किसी दल का नाम केवल उसकी पहचान नहीं होता, बल्कि वही मतदाताओं के मन में उसकी पहली छवि भी गढ़ता है। नाम, प्रतीक और संदेश मिलकर किसी राजनीतिक संगठन की ब्रांडिंग तय करते हैं। ऐसे में यदि किसी राजनीतिक संगठन का नाम “कॉकरोच जनता पार्टी” रखा जाए, तो यह केवल एक नाम नहीं बल्कि एक जटिल मनोवैज्ञानिक और सामाजिक प्रयोग बन जाता है। आख़िर जिस जीव को देखकर अधिकांश लोग असहज हो जाते हैं, उससे जुड़ा नाम जनता के बीच किस तरह की प्रतिक्रिया पैदा करेगा? क्या ऐसा नाम राजनीतिक लाभ दे सकता है या फिर शुरुआत से ही नुकसान का कारण बन जाता है? *नाम का मनोविज्ञान: पहली छवि ही आख़िरी छवि?* कॉकरोच या तेलचट्टा उन जीवों में गिना जाता है जिनसे अधिकांश लोगों को घृणा, डर या असुविधा का अनुभव होता है। मनोविज्ञान में इसे “*नकारात्मक संबद्धता”* कहा जाता है। जब किसी शब्द के साथ पहले से ही नकारात्मक भावनाएँ जुड़ी हों, तो उसे सकारात्मक राजनीतिक पहचान में बदलना बेहद कठिन हो जाता है। मतदाता किसी दल की विचारधारा पढ़ने से पहले उसका नाम सुनते हैं। ऐसे में “कॉकरोच” शब्द: * स्वच्छता के विपरीत छ...

नोएडा लोकमंच के "पहला कदम" अभियान एवं वर्ल्ड मलयाली काउंसिल के सहयोग से विश्व पर्यावरण दिवस पर कार्यक्रम आयोजित

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नोएडा:नोएडा लोकमंच के "पहला कदम"* अभियान तथा *वर्ल्ड मलयाली काउंसिल,* उत्तर प्रदेश प्रांत के सहयोग से विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर *नोएडा पब्लिक लाइब्रेरी, सेक्टर-15, नोएडा* में एक भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरित जीवनशैली को बढ़ावा देना तथा समाज में पौधारोपण एवं पौधों के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना था। कार्यक्रम के *मुख्य वक्ता श्री आनंद मोहन सिंह, निदेशक (उद्यान), नोएडा प्राधिकरण* रहे। उन्होंने अपने संबोधन में पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि वृक्ष और हरित क्षेत्र न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखते हैं, बल्कि मानव जीवन को स्वस्थ और समृद्ध बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने नागरिकों से अधिकाधिक पौधारोपण करने तथा पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। विशिष्ट वक्ता के रूप में *डॉ. श्रीराज सोमराजन, वरिष्ठ आयुर्वेदिक चिकित्सक, महर्षि आयुर्वेद अस्पताल एवं सीएमओ, महर्षि वेलनेस क्लिनिक,* नोएडा ने आयुर्वेद एवं पर्यावरण के पारस्परिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि स्वस...