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*हिंदू हित ही राष्ट्र हित; शत-प्रतिशत मतदान के लिए आगे बढ़े हिन्दू समाज: विहिप*

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कोलकाता । विश्व हिन्दू परिषद ने आज कहा है कि पूज्य संतों, महात्माओं  और क्रातिकारियों की पुण्य धारा बंगाल को अब हिन्दू द्रोही व देश द्रोही तत्वों के चंगुल से मुक्त कराना जरूरी है। परिषद के केन्द्रीय संगठन महामंत्री श्री मिलिंद परांडे के कहा कि अब हिन्दू समाज को एकजुट होकर राज्य की समृद्धि और हिन्दू जीवन मूल्यों की पुन: प्रतिष्ठा व संरक्षण हेतु शत-प्रतिशत मतदान हेतु आगे आना होगा।   उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार की दृष्टि से विहिप द्वारा बंगाल सहित देशभर में हजारों सेवा कार्य चल रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में ही नशा मुक्ति हेतु भी देशभर में हजारों जागरण के कार्यक्रमों में लाखों युवक-युवतियों ने व्यसन मुक्ति की सपथ ली। भगवान श्री राम के भव्य मंदिर के निर्माण के साथ, गो रक्षा-संरक्षण व संवर्धन तथा सामाजिक समरता के निर्माण में विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ता प्रण-पण से जुटे हैं।      यहाँ एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बंगाल खुदीराम बोस, बटुकेश्वर दत्त, जतिन दास व सुभाष चंद्र बोस जैसे अनेक क्रान्तिकारियों, ईश्वर चंद्र विद्यासागर व ...

कृषि उत्पादों की कीमतें स्थिर हैं और उन पर निरंतर कड़ी निगरानी— केंद्र सरकार

 *कृषि इनपुट और रसायनों की किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं है; उपलब्धता को और बढ़ाने के प्रयास जारी* नई दिल्ली ।भारत सरकार पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति के मद्देनजर नागरिकों को सूचित रखने के लिए नियमित रूप से अपडेट प्रदान करती रहती है। इसी संदर्भ में, आज राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने ईंधन की उपलब्धता, समुद्री संचालन, क्षेत्र में भारतीय नागरिकों को दी जा रही सहायता और समग्र स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे उपायों पर अपडेट साझा किए। कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय और नागर विमानन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस संदर्भ में मीडिया को जानकारी दी। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों के कृषि क्षेत्र पर संभावित प्रभाव और व्यवधानों को कम करने के लिए उठाए जा रहे उपायों के बारे में अद्यतन जानकारी साझा की। मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव मनिंदर कौर द्विवेदी के अनुसार: राज्यों के साथ परामर्श करके खरीफ 2026 के लिए उ...

नशा मुक्ति का इरादा होना चाहिए- डॉ कुसुम पथरिया

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नोएडा: सामाजिक न्याय व महिला अधिकारिता बोर्ड के महिला विंग की अध्यक्ष और समाज सेविका डॉ कुसुम पथरिया बताती हैं कि नशा मुक्ति केंद्र के लोग नशेरियों के सुधार की बात करते हैं लेकिन कुछ समय के लिए  ही सुधार ले पाते हैं, क्योंकि फिर थोड़े समय बाद नशेड़ी फिर उसी चंगुल में फंस जाते हैं। फिर यह सब अंतहीन तरीके से चलता रहता है। उनके अनुसार सुधार केंद्र कारगर होते हैं, लेकिन उससे पहले व्यक्ति के अंदर खुद यह इच्छा होनी चाहिए कि इसे छोडऩा है। अगर उनका इरादा ही नहीं है और हमने उन्हें जबर्दस्ती सुधार केंद्र में रख दिया तो यह काम नहीं करने वाला है। उन्होंने बताया कि मैं ऐसे कई परिवारों को जानती हूं। उनकी परेशानियां शब्दों में बयां नहीं की जा सकतीं। एक बार अगर ऐसे लोग केमिकल ड्रग्स की पकड़ में आ गए तो वे कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं। अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए वे कोई भी अपराध कर सकते हैं। अगर आपके बच्चे बड़े हो रहे हैं तो वे बाहर जाते ही हैं ।स्कूल कॉलेज तो जाते ही हैं ।उन पर नजर रखने की जरूरत है। मान लीजिए उन्होंने ऐसा कुछ किया और आपको पता चल गया तो आप उन्हें शुरु में ही रोककर उनका ध्यान...

भारत ने उर्वरक उत्पादन में बनाया रिकॉर्ड

  आत्म-निर्भर भारत पहल के तहत स्वदेशी यूरिया उत्पादन क्षमता बढ़कर 283.74 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष हो गई सरकार ने पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) योजना के माध्यम से फॉस्फेट और पोटैशियम (पीएंडके) उर्वरकों की आपूर्ति को दुरूस्त किया नई दिल्ली।भारत सरकार ने घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाकर और कच्चे माल की दीर्घकालिक आपूर्ति सुनिश्चित करके उर्वरक क्षेत्र में आयात पर निर्भरता कम करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया एस. पटेल ने बताया कि नई निवेश नीति (एनआईपी)-2012 और 7 अक्टूबर, 2014 को इसके संशोधन के तहत छह नई यूरिया इकाइयां स्थापित की गई हैं। इनमें सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की चार संयुक्त उद्यम इकाइयां और निजी कंपनियों की दो इकाइयां शामिल हैं। इन इकाइयों ने मिलकर यूरिया उत्पादन क्षमता में 76.2 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एलएमटीपीए) की वृद्धि की है, जिससे कुल स्वदेशी क्षमता 2014-15 में 207.54 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष से बढ़कर 2023-24 में 283.74 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष हो गई है। इसके अलावा, नाम...

राज्यसभा में प्रधानमंत्री का वक्तव्य: किसानों और आपूर्ति व्यवस्था को लेकर सरकार आश्वस्त

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  आगामी बुवाई सीजन के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु सभी आवश्यक तैयारियां  नई दिल्ली । राज्य सभा में आज प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि कोविड-19 के दौरान जिस प्रकार विशेषज्ञों और एम्पॉवर्ड ग्रुप्स का गठन किया गया था , उसी तर्ज पर सरकार ने हाल ही में 7 नए एम्पॉवर्ड ग्रुप्स का गठन किया है। ये समूह सप्लाई चेन , पेट्रोल-डीजल , उर्वरक , गैस तथा महंगाई जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर त्वरित और दीर्घकालिक रणनीतियों के तहत कार्य करेंगे। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि साझा प्रयासों के माध्यम से देश वर्तमान परिस्थितियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकेगा। उन्होंने विशेष रूप से किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए कहा कि आगामी बुवाई सीजन में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु सरकार ने सभी आवश्यक तैयारियां कर ली हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का निरंतर प्रयास है कि किसानों पर किसी भी प्रकार के संकट का बोझ न पड़े। उन्होंने देश के किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि हर चुनौती के समाधान के लिए सरकार उनके साथ मजबूती से खड...

सीवर-सेप्टिक टैंक में लगातार हो रही मौतों पर तुरंत रोक लगाने के लिए जंतर-मंतर पर 25 को धरना व विरोध प्रदर्शन

नई दिल्ली ।  सफाई कर्मचारी आंदोलन देश भर में सीवर-सेप्टिक टैंकों में हो रही मौतों के खिलाफ 25 मार्च  को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना व विरोध प्रदर्शन करने जा रहा है। इसमें करीब 10 राज्यों से सफाई कर्मचारी ,  गटर की सफाई में मारे गये लोगों के परिजन और एक्टिविस्ट शामिल होंगे। कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री के नाम एक मांगपत्र जारी किया जाएगा ,  जिसमें ऐसी मौतों पर तुरंत रोक लगाने की मांग की जाएगी। सफाई कर्मचारी आंदोलन   (SKA)   गहरे दुख और आक्रोश के साथ यह कहता है कि देश में हर दो से तीन दिन में एक भारतीय नागरिक की सीवर-सेप्टिक में हत्या की जा रही है और इस पर सरकार पूरी तरह से चुप है। हमारा कहना है कि देश में विकास के तमाम दावों और दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की घोषणा के बीच भारत में अगर सफाई कर्मचारी समाज के लोगों को गटर में उतारा जा रहा है, तो यह राष्ट्रीय शर्म की बात है और इसके लिए देश के प्रधानमंत्री को देश से माफी मांगनी चाहिए। अन्याय की हद तो यह है कि हमारी मौत के आंकड़े भी छुपाए जा रहे हैं। हाल यह है कि 2026 के तीन महीने भी नहीं बीतें है...

*नवरात्रा: आत्मशक्ति जागरण का मनोवैज्ञानिक उत्सव”*

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     डॉ  उमेश शर्मा  नवरात्रा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि मानव मन और चेतना को संतुलित करने वाला एक गहन मनोवैज्ञानिक उत्सव भी है। यह नौ दिनों का पर्व हमें बाहरी जगत से हटकर अपने भीतर झाँकने, आत्मविश्लेषण करने और मानसिक शुद्धि की ओर अग्रसर करता है। भारतीय परंपरा में नवरात्रि को देवी शक्ति की उपासना का समय माना गया है, लेकिन इसके पीछे छिपा मनोवैज्ञानिक पक्ष भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सबसे पहले, नवरात्रा आत्मनियंत्रण का अभ्यास कराता है। उपवास (व्रत) केवल शारीरिक शुद्धि का माध्यम नहीं, बल्कि इच्छाओं पर नियंत्रण और मानसिक दृढ़ता को विकसित करने का साधन है। जब व्यक्ति अपनी आदतों और इच्छाओं को नियंत्रित करता है, तो उसका आत्मविश्वास और आत्मबल बढ़ता है। यह प्रक्रिया मन को स्थिर और केंद्रित बनाती है। दूसरे, यह पर्व सकारात्मक सोच को बढ़ावा देता है। देवी की आराधना, मंत्रों का जाप और भक्ति संगीत मन में शांति और सकारात्मक ऊर्जा भरते हैं। यह एक प्रकार की ध्यान प्रक्रिया है, जो तनाव, चिंता और अवसाद को कम करने में सहायक होती है। सामूहिक पूजा और उत्सव में भाग लेने से व्यक्ति को...