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*"हार को हार न मानना, अक्ल पर पड़ा पर्दा है — कुर्सी का मोह जब हद से बढ़े, तो सच भी दर्द बनता है"*

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                        डॉ उमेश शर्मा, सेक्टर  122 4 मई 2026 को पश्चिम बंगाल का राजनीतिक नक्शा पूरी तरह बदल गया। चुनाव आयोग के ताजा डेटा के मुताबिक 15 साल बाद तृणमूल कांग्रेस की सत्ता गई और भारतीय जनता पार्टी ने 207 से ज्यादा सीटों के साथ पहली बार बंगाल में पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया। TMC सिर्फ 80 सीटों पर सिमट गई। कांग्रेस और अन्य दल 2-2 सीटों पर रहे। यह नतीजा 2021 के बिल्कुल उल्टा है, जब TMC ने 213 सीटें जीती थीं। सबसे ज्यादा नजर भवानीपुर सीट पर थी, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मुकाबला बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी से था। गिनती के दौरान यह सीट लगातार सुर्खियों में रही। शुरुआती रुझानों में ममता बनर्जी 7,184 वोट से आगे चल रही थीं और मुख्यमंत्री खुद काउंटिंग सेंटर पहुंच गई थीं। लेकिन 15 राउंड बाद उनकी बढ़त घटकर सिर्फ 2,929 वोट रह गई। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ममता बनर्जी को विजेता बताया गया, जबकि अन्य अपडेट्स में दावा किया गया कि शुभेंदु अधिकारी 6,000 से ज्यादा वोट से जीत गए और ममता 10,994 वोट से पीछे रह गईं। इसी दौरान TMC ने ...

नोएडा में मनाया गया भगवान श्री चित्रगुप्त के प्रकट उत्सव

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नोएडा । कायस्थ सभा गौतम बुध नगर द्वारा 3 मई को देर शाम तक नोएडा एंटरप्रेन्योर एसोसिएशन के ऑडिटोरियम में भगवान श्री चित्रगुप्त के प्रकट उत्सव का आयोजन धूमधाम से किया गया। आयोजन का प्रारंभ भगवान श्री चित्रगुप्त की पूजा अर्चना और आरती से की गई।   कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  योगेंद्र नारायण तथा विशिष्ट अतिथि सुनील निगम एडवोकेट, अध्यक्ष अखिल भारतीय कायस्थ महासभा थे। बैठक में कायस्थ सभा गौतम बुद्ध नगर के लगभग 120 से अधिक सदस्य उपस्थित रहे। यह उल्लेखनीय है कि भगवान चित्रगुप्त जी का प्रकटोत्सव चित्र सभा द्वारा बहुत हर्ष और उल्लास से मनाया जाता है। लगभग सभी परिवारों के सदस्य बहुत सुंदर गीत संगीत का कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं छोटे-छोटे बच्चों द्वारा नृत्य की प्रस्तुतियां दी गईं हैं और बच्चे युवा बुजुर्ग सभी ने इस कार्यक्रम को मनोरंजक बनाने में अपनी अपनी प्रस्तुतियां दी हैं। कायस्थ सभा के अध्यक्ष आर एन श्रीवास्तव ने  मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि का स्वागत करते हुए कायस्थ सभा गौतम बुद्ध नगर की उपलब्धियां बताई यह भी बताया कि कमजोर वर्ग के बच्चों की शिक्षा में सहायता करने का निर्णय लिय...

लोक सभा अध्यक्ष ने बुद्ध पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर देशवासियों को दी शुभकामनाएं

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नई   दिल्ली :   लोक   सभा अध्यक्ष   श्री   ओम   बिरला   ने   बुद्ध   पूर्णिमा की   पूर्व   संध्या   पर   देशवासियों   को   बधाई दी   है।   श्री   बिरला   ने   अपने   संदेश   में   कहा : " बुद्ध   पूर्णिमा   पर   सभी   देशवासियों   को हार्दिक   शुभकामनाएँ। वैशाख   की   पूर्णिमा   केवल   एक   पर्व   नहीं ,  बल्कि   आत्मचिंतन ,  जागरूकता   और अध्यात्म   व   मानवता   के   मार्ग   पर   अनवरत चलने   का   संकल्प   है। भगवान   बुद्ध   का   संपूर्ण   जीवन   त्याग ,  ज्ञान और   करुणा   की   अद्वितीय   यात्रा   था।   एक ऐसी   यात्रा   जिसने   मानव   जीवन   के   गूढ़ प्रश्नों   का   सरल   और   व्यावहारिक समाधान   प्रस्तुत   किया। राजसी   वै...

किसानों के लिए बड़ी राहत: खरीफ सीजन से पहले देश में उर्वरकों का बंपर स्टॉक, कीमतों में कोई बदलाव नहीं

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एस एन वर्मा  नई दिल्ली: देश में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, जिससे किसानों की आवश्यकताओं की निरंतर पूर्ति सुनिश्चित हो रही है। उर्वरकों की उपलब्धता मजबूत बनी हुई है और आपूर्ति लगातार जरूरत से अधिक है।   खरीफ 2026 के लिए मजबूत तैयारी कृषि और किसान कल्याण विभाग (DA&FW) ने खरीफ 2026 के लिए उर्वरक की कुल आवश्यकता का आकलन 390.54 लाख मीट्रिक टन (LMT) किया है। इसके मुकाबले, आज की स्थिति में देश में लगभग 190 LMT (49%) का स्टॉक उपलब्ध है, जो आमतौर पर रहने वाले 33% के स्तर से काफी अधिक है। यह जानकारी नई दिल्ली में आयोजित अंतर मंत्रालयी प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उर्वरक बिभाग की अतिरिक्त सचिव अपर्णा शर्मा ने दी । उन्होंने कहा कि यह सरकार की बेहतर योजना, अग्रिम स्टॉकिंग और कुशल लॉजिस्टिक्स प्रबंधन को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। यह चालू खरीफ सीजन के लिए एक मजबूत शुरुआती स्थिति का संकेत देता है।   *पिछले साल के मुकाबले उर्वरक स्टॉक की वर्तमान स्थिति* अगर हम आज के उर्वरक स्टॉक की तुलना पिछले साल से करें, तो स्थिति काफी बेहतर नजर आती है। वर्तमान में यूरिया का स्टॉक 71.58 लाख मीट...

भारत के भविष्य की दिशा को बदलने वाला एक सशक्त संकल्प है—नारी सशक्तिकरण: डॉ कुसुम पथरिया

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##नारी शक्ति वंदन ## नोएडा:सामाजिक न्याय और महिला अधिकारिता बोर्ड की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ कुसुम पथरिया आज एक भव्य समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मैं आपके समक्ष एक ऐसे विषय पर अपने विचार साझा कर रहीहूँ, जो केवल एक नीति नहीं, बल्कि भारत के भविष्य की दिशा को बदलने वाला एक सशक्त संकल्प है—नारी सशक्तिकरण। एक महिला होने के नाते मैं इस परिवर्तन को केवल सुनती नहीं, बल्कि उसे जीती हूँ, महसूस करती हूँ। उन्होंने कहा कि हमारे समाज ने नारी को सदैव शक्ति का रूप माना, परंतु उसे निर्णय लेने के मंचों से दूर रखा। उसकी क्षमता को सराहा गया, पर उसे अवसर नहीं मिला। यह विडंबना लंबे समय तक हमारे सामाजिक ढाँचे का हिस्सा रही। भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को सशक्त बनाने की दिशा में  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू किया गया 33% महिला आरक्षण एक ऐतिहासिक पहल है। यह निर्णय केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में समानता और न्याय के मूल्यों को और अधिक सुदृढ़ करता है। “डॉ कुसुम पथरिया ने कहा कि नारी केवल सशक्तिकरण की पात्र नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशि...

*नारी शक्ति वंदन: बदलाव की निर्णायक दस्तक* —सुनीता शर्मा

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       नोएडा :  सेक्टर १२२ निवासी समाजसेवी सुनीता  शर्मा के अनुसार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” के मूल मंत्र के साथ 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने जब से देश की बागडोर संभाली, तब से उनकी सरकार की अनेक नीतियों और योजनाओं में महिला उत्थान को विशेष महत्व दिया गया है। वे बताती हैं कि “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान के माध्यम से बेटियों की सुरक्षा और शिक्षा पर बल दिया गया। शौचालय निर्माण के माध्यम से महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान की चिंता की गई। उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन देकर उनके स्वास्थ्य—विशेषकर आँखों और फेफड़ों—की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करते हुए उन्हें ऋण उपलब्ध कराए गए, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। “लखपति दीदी” जैसी योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला। पीएम आवास योजना के अंतर्गत उन्हें घर की मालकिन बनाकर सामाजिक सम्मान दिया गया। तीन तलाक के विरुद्ध कानून लागू कर मुस्लिम बहनों-बेटियों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।और फिर आया— ...

अंबेडकर ने प्रतिकूल परिस्थितियों को मात देकर सामाजिक न्याय का मार्ग प्रशस्त किया : डॉ कुसुम पथरिया

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सिकंदराबाद । सामाजिक न्याय और महिला अधिकारिता बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ कुसुम पथरिया ने कहा कि अंबेडकर जयंती का वर्णन केवल एक महापुरुष को याद करने के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति का सम्मान करने के रूप में किया जाता है, जिन्होंने प्रतिकूल परिस्थितियों को मात देकर सामाजिक न्याय का मार्ग प्रशस्त किया।वे सिकंदराबाद में आयोजित  अंबेडकर जयन्ती समारोह को संबोधित कर रहीं थी। उन्होंने कहा कि मैं डॉ. अंबेडकर को एक ऐसे दूरदर्शी नेता के रूप में देखती हूँ जिन्होंने भारत के सबसे पीड़ित और शोषित लोगों को गरिमा और अधिकार प्रदान किया। वे सदियों से चली आ रही सामाजिक असमानता के खिलाफ लड़े और कानूनी स्तर पर समानता बहाल की । डॉ. अंबेडकर इस बात के शानदार उदाहरण हैं कि असाधारण प्रतिभा के लिए किसी प्रतिष्ठित परिवार में जन्म लेने की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने सामाजिक वंचितता (Social disadvantages) के बावजूद अपने जीवन की कमान खुद संभाली और एक 'अनस्टॉपेबल' (अजेय) व्यक्तित्व बने।  डॉ कुसुम पथरिया ने कहा कि बाबा साहेब को केवल मूर्तियों में न खोजें, बल्कि उनके विचारों का अनुसरण करें। उनकी जयंती...