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चर्च के नक्सली ईसाई आतंकवाद पर मेहरबान चुनाव आयोग और सर्वोच्च न्यायालय हिन्दुत्व पर कुठाराघात करना बन्द करे- हिन्दू संगठन
April 16, 2019 • Snigdha Verma

धर्मरक्षक श्री दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुकेश जैन की अध्यक्षता में हुई हिन्दू संगठनों की बैठक में चर्च के नक्सली ईसाई आतंकवाद पर मेहरबान चुनाव आयोग और सर्वोच्च न्यायालय को जमकर कोसा गया। हिन्दू संगठनों ने एक स्वर में चुनाव आयोग और सर्वोच्च न्यायालय को हिन्दुत्व विरोघियों का अड्डा बताते हुए इन्हे जनप्रतिनिधि कानून और संविधान का दुश्मन बताया जो जनप्रतिनिधि कानून का खुल्लम खुल्ला उल्लंघन करके योगी जैसे हिन्दुत्व के युगपुरूष की आवाज को कुचल रहे हैं। हिन्दू संगठनों ने इसे मूलाधिकार 19.क के तहत मिली अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता का गला घोटना भी बताया।

बैठक में दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुकेश जैन ने कहा कि हिन्दुत्व के युगपुरूष योगी आदित्यनाथ के चुनाव प्रचार पर प्रतिबन्ध लगाने वाले ये वो ही चुनाव आयोग और सर्वोच्च न्यायालय है जिन्होंने छत्तीस गढ़ के बस्तर के दन्तेवाड़ा में भाजपा के एकमात्र विधायक श्री भीमा मांडवी की 5 जवानों के साथ की हत्या पर मौन साधकर इन चर्च के नक्सली ईसाई आतंकवादियों को शह दी हैं। यह वो ही चुनाव आयोग और सर्वोच्च न्यायालय हैजो नक्सली आतंकवादी गिरोह पी यू सी एल की याचिका पर सुनवायी करके बिना संसद और महामहिम राष्ट्रपति जी की अनुमति के नोटा जैसा असंवैधानिक बटन बनाकर लोकतान्त्रिक प्रक्रिया मतदान के खिलाफ बगावत करने के लिये देश के मतदाताओं को उकसाता हैं।

बैठक में नई दिल्ली लोकसभा से हिन्दू महासभा के प्रत्याशी स्वामी ओम जी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के चुनाव प्रचार पर असंवैधानिक रोक लगाने वाला यह वो ही चुनाव आयोग और सर्वोच्च न्यायालय है जिन्हें मल्कानगिरी के 6 मतदान केन्दं्रों पर सी आई ए और नक्सली ईसाई आतंकवादी चर्च के भय से 1 भी मतदान न होने और छत्तीगढ़़ के बस्तर के 20 मतदान केन्द्रों पर 20 से कम मतदान होने पर सांप सूंघा हुआ है।

हिन्दू संगठनों ने नक्सलियों के भय के सायें में चुनाव कराना लोकतन्त्र के लिये सबसे बड़ा खतरा बताते हुए इसे सर्वोच्च न्यायालय और चुनाव आयोग का नकारापन बताया और इनको तत्काल भंग करने की महामहिम राष्ट्रपति जी और सरकार से मांग की।

हिन्दू संगठनों ने नक्सली आतंक के साये के मतदान केन्दों के प्रत्येक मतदाता को मतदान केन्द्र पर लाकर उनसे पुनः मतदान कराने की भी मांग की।