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*कैट ने वित्त मंत्री से आग्रह किया कि ज्वेलरी व्यापारियों को भेजे नोटिस के खिलाफ अपील करने की तिथि बढ़ाई जाए*
January 20, 2020 • Snigdha Verma

नोएडा

*हॉलमार्क कानून के कठिन प्रावधानों को आसान किया जाए -कैट का पासवान से आग्रह*

कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीथारमन को एक पत्र भेज कर आग्रह किया है की दिल्ली सहित देश भर में ज्वैलर्स एवं व्यापार के अन्य वर्गों को हजारों की संख्या में भेजे गए नोटिस में अपील करने की तारीख को 31 जनवरी , 2020 से आगे बढ़ाया जाए ताकि दिल्ली एवं देश भर में फैले व्यापारी सुविधापूर्वक भेजे गए नोटिस के जवाब में अपील कर सकें ! कैट ने यह भी आग्रह किया है की अपील करने हेतु पहले 20 प्रतिशत पैसा जमा कराने के प्रावधान में भी रियायत दी जाए ! वहीँ दूसरी ओर कैट ने केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री श्री रामविलास पासवान को एक अलग पत्र भेजकर आग्रह किया है की ज्वलेरी पर लगने वाले हॉलमार्क के लिए लागू कानून की जटिलता में भी कुछ आवश्यक बदलाव लाये जाएँ ! कैट ने स्पष्ट रूप से कहा की कैट किसी भी व्यक्ति द्वारा कर वंचना अथवा कानून का उल्लंघन करने का हिमायती नहीं है लेकिन ज्वेलरी सेक्टर की वर्तमान हालत को देखते हुए इस सेक्टर पर नए सिरे से विचार किया जाना जरूरी है !

ज्ञातव्य है की नोटबंदी के बाद ज्वेलरी एवं अन्य व्यापारियों ने 8 नवमबर से 30 दिसंबर 2016 तक जो नगद बिक्री हुई थी वो बैंको में जमा की थी हो लेखा खातों एवं कैश बुक में दर्ज़ है ! किन्तु आय कर विभाग ने नगद बिक्री को मान्यता न प्रदान करते हुए उक्त धनराशि को अनएक्सप्लेनेड मानकर आयकर की धारा 68 एवं धारा 69 के तहत करयोग्य आय में जोड़ दिया जिस पर आयकर की धारा 115 बी ई के अंतर्गत 60 फीसदी की दर से आयकर लगाया है और उस पर सरचार्ज भी लगाया गया है तथा एडवांस टैक्स कम जमा होने का ब्याज भी लगाया गया है ! इस प्रकार से विभाग द्वारा कुल मांग जमा धनराशि के बराबर हो गई है ! लगभग एक महीने पूर्व देश भर में बड़ी संख्यां में जेवेलर्स एवं अन्य वस्तुओं के व्यापारियों को कर रिकवरी के नोटिस भेजे हैं जिसके चलते प्रत्येक व्यापारी पर लाखों करोड़ों रुपये की देनदारी आ गई गई ! इन नोटिसों के खिलाफ अपील करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी, 2020 है और अपील करने से पहले व्यापारी को देनदारी की 20 प्रतिशत राशि विभाग को जमा करानी होगी तभी अपील स्वीकार होगी ! हालाकिं कानून के अनुसार कर अधिकारी को अधिकार है की वो अपने विवेक के अनुसार 20 प्रतिशत की राशि को कम भी कर सकता है या फिर बिना राशि जमा किये अप्पीक पर सुनवाई भी हो सकती है !

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा की जिस मात्रा में नोटिस भेजे गए हैं उसमें बड़ी मात्रा में बेहद छोटे व्यापारी भी है जो कारीगरों से माल बनवा कर बाजार में बेचते है ! संभव है की कुछ लोगों ने कानून का दुरूपयोग करके कर वंचना करने की कोशिश की हो और ऐसे व्यक्तियों पर कानून के अनुसार कार्यवाही अवश्य होनी चाहिए लेकिन बड़ी मात्रा में ऐसे भी व्यापारी हैं जिनको नोटिस भेजने का कोई औचित्य ही नहीं है ! इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कैट ने वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीथारमन से आग्रह किया है की इस समस्या के हल के लिए प्रथम तो अपील करने की तारीख आगे बढ़ाई जाए तथा देनदारी राशि के विरुद्ध अपील करने की राशि को कम किया जाए जिससे निर्दोष व्यापारियों को न्याय मिलने में राहत हो ! उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अनेक बार कहा है की बिना वजह किसी भी व्यापारी के खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए, इस दृष्टि से विभाग के पास जिन व्यापारियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं केवल उन्हें ही 20 प्रतिशत राशि के साथ अपील करने दिया जाए तथा बाकी सभी व्यापारियों को बिना राशि के अपील करने का अवसर दिया जाए !

कैट ने श्री रामविलास पासवान को भेजे पत्र में कहा है की ज्वेलरी की प्रत्येक वस्तु पर हॉलमार्क अवश्य लगाने का कैट स्वागत करता है इसीसे उपभोक्ताओं का जेवेलरी की वास्तविकता के प्रति विश्वास मजबूत होगा किन्तु हॉलमार्क कानून में कुछ प्रावधान बेहद कठिन है जिनका पालन छोटे व्यापारियों के लिए करना मुश्किल होगा ! इस सन्दर्भ में आल इंडिया जेवेलर्स एवं गोल्डस्मिथ फेडरेशन के राष्ट्रीय संयोजक श्री पंकज अरोरा ने श्री पासवान से आग्रह किया है की हॉलमार्क कानून के सभी प्रावधानों पर विचार करने के लिए श्री पासवान ज्वेलरी व्यापारियों के साथ एक बैठक करें जिससे अनावश्यक प्रावधानों को सरल बनाया जा सके और दिल्ली सहित  देश भर के ज्वेलरी व्यापारी सुविधा और आसानी से हॉलमार्क कानून का पालन कर सकें ! उन्होंने कहा की ज्वेलरी सेक्टर देश के व्यापार का एक अहम् हिस्सा है और पहले से ही अनेक चुनौतियों से जूझ रहा है ! इस सेक्टर में बड़ी संख्यां में बेहद छोटे व्यापारी काम करते हैं और लाखों कारीगरों को रोज़गार देते हैं ! इस दृष्टि से इस सेक्टर को ठीक किया जाना बेहद जरूरी है ! देश भर के छोटे ज्वेलरी व्यापारी  सरकार के साथ सहयोग करने के लिए तत्पर है।