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‘ऊर्जा संरक्षण‘ पर सेमिनार का आयोजन "
December 17, 2019 • Snigdha Verma

गोरखपुर  : पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबन्धक  राजीव अग्रवाल की अध्यक्षता में 17 दिसम्बर,2019 को महाप्रबन्धक सभागार,गोरखपुर में किया गया। पूर्वोत्तर रेलवे के विद्युत विभाग के तत्त्वावधान में आयोजित इस सेमिनार में सभी प्रमुख विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ रेल अधिकारी एवं विद्युत विभाग के मुख्यालय एवं मण्डलों के इंजीनियर तथा पर्यवेक्षक उपस्थित थे।

                इस अवसर पर अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में श्री राजीव अग्रवाल ने कहा कि समूचे विष्व की अधिकतर गतिविधियाँ ऊर्जा पर ही आधारित हैं। भारत विष्व के सबसे अधिक ऊर्जा खपत वाले देषों में से एक है। ऊर्जा के खपत की दर निरन्तर बढ़ रही है। भारतीय परिप्रेक्ष्य में उन्होंने कहा कि हमारी माँग का 80 प्रतिषत डीजल एवं पेट्रोलियम उत्पाद आयात किया जाता है तथा हमारी तेल उत्पादक देषों पर निर्भरता दिनो-दिन बढ़ रही है। इसके चलते विदेषी मुद्रा के क्षेत्र में भी हम पीछे हो रहे हैं। भारतीय रेल के संदर्भ में चर्चा करते हुये श्री अग्रवाल ने कहा कि आय का लगभग 27 प्रतिषत हिस्सा बिजली एवं डीजल के रूप में ऊर्जा पर खर्च होता है जिसे कम करना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि रेल खण्डों का विद्युतीकरण कर ऊर्जा के क्षेत्र में होने वाले व्यय को कम किया जा रहा है। श्री अग्रवाल ने बताया कि डीजल से विद्युत कर्षण में परिवर्तन होने पर प्रतिवर्ष प्रति रेक लगभग रू0 2 करोड़ की बचत होती है। कुछ ऐसी ही स्थिति डेमू के स्थान मेमू गाड़ियों के संचलन से होती है। उन्होंने ऊर्जा के क्षेत्र में व्यय को कम करने के लिये ए.पी.यू. का अधिक से अधिक उपयोग करने की सलाह दी । ऊर्जा संरक्षण के लिये अनेक व्यवहारिक एवं मूल्यवान सुझाव देते हुये उन्होंने विद्युत आपूर्ति में होने वाली क्षति को रोकने के लिये सजगतापूर्ण प्रयास पर बल दिया । श्री अग्रवाल ने कहा कि ऊर्जा बचत के नये क्षेत्रों को चिन्हित करने के साथ ही सौर ऊर्जा का बड़े पैमाने पर प्रयोग सुनिष्चित किया जाय। ऊर्जा खपत का आकलन करने के लिये उन्होंने नेट मीटरिंग, डिजिटल मीटरिंग के साथ ही प्री-पेड एनर्जी के उपयोग की बात कही। श्री अग्रवाल ने विष्वास व्यक्त किया कि पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में आने वाले समय में और भी समर्पित प्रयास किये जायेंगे तथा अपेक्षित परिणाम प्राप्त होंगे 

         अपने स्वागत सम्बोधन में प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर श्री बेचू राय ने कहा कि भारत में प्रतिवर्ष विद्युत खपत में लगभग 10 प्रतिषत की वृद्धि हो रही है। विद्युत उत्पादन एवं खपत में अन्तर लगभग 7 से 8 प्रतिषत तक पहुँच गया है। बिजली की बरबादी को रोककर हम उत्पादन एवं खपत के अन्तर को कम कर सकते हैं। पूर्वोत्तर रेलवे ने ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में अनेक अभिनव प्रयास किये हैं। कुल खपत की 10 प्रतिषत ऊर्जा गैर पारम्परिक स्रोतों से प्राप्त की जा रही है। उन्होंने कहा कि सर्विस बिल्डिंगों, कालोनियों, स्टेषनों पर एल.ई.डी. का इस्तेमाल कर ऊर्जा खपत में कमी की गई है। गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष लगभग 8.4 प्रतिषत ईंधन की बचत हुई है।

                सेमिनार के दौरान मुख्य विद्युत सर्विस इंजीनियर श्री पंकज जायसवाल ने पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में किये जा रहे प्रयासों एवं उनके परिणामों पर पावर प्वाइंट प्रजेन्टेषन के माध्यम से विस्तार से प्रकाष डाला तथा भावी योजनाओं की चर्चा की । इसी क्रम में पूर्वोत्तर रेलवे के तीनों मंडलों-लखनऊ, वाराणसी एवं इज्जतनगर के वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियरों ने अपने-अपने मंडलों की ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में उपलब्धियों का विवरण पावर प्वाइन्ट प्रजेन्टेषन के माध्यम से प्रस्तुत किया ।