ALL Crime Ministries Science Entertainment Social Political Health Environment Sport Financial
11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 56 सीएनजी केंद्र राष्ट्र को समर्पित
May 31, 2020 • Snigdha Verma • Ministries
देश में 34 लाख हो गई है सीएनजी वाहनों की संख्या : धर्मेंद्र प्रधान 
 
नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पर्यावरण के अनुकूल संपीड़ित प्राकृतिक गैस (सीएनजी) की लोगों तक पहुंच बढ़ाते हुए ऑनलाइन समारोह में 48 सीएनजी केंद्रों को राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने देश में आठ अन्य सीएनजी केंद्रों का उद्घाटन किया। ये सभी 56 सीएनजी केंद्र 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित हैं। इन राज्यों में गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, नई दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश शामिल हैं। ये सभी 11 निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों से जुड़े हैं।
 
देश में गैस संजाल (नेटवर्क) का विस्तार करने में शामिल सभी हितधारकों की प्रशंसा करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि देश की आबादी के 72 फीसदी लोगों तक जल्द ही सिटी गैस वितरण (सीजीडी) के जरिए गैस पहुंचा दी जाएगी। इसके साथ ही भारत के 53 प्रतिशत भूभाग तक सीएनजी पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि देश गैस आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि पीएनजी की संख्या 25 लाख से बढ़कर 60 लाख हो गई है। औद्योगिक गैस कनेक्शन 28 हजार से बढ़कर 41 हजार तक पहुंच गए हैं और सीएनजी वाहनों की संख्या भी 22 लाख से बढ़कर 34 लाख हो गई है। उन्होंने कहा कि यह संतोष का विषय है कि देश में गैस ढांचागत संरचना के विस्तार में सार्वजनिक क्षेत्र के अलावा निजी कंपनियों भी भाग ले रही हैं।
 
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार ऊर्जा दक्षता, वहनीयता, सुरक्षा और इसकी उपलब्धता पर काम कर रही है। उन्होंने ईंधन की उपलब्धता को लेकर अपनी सोच जाहिर करते हुए कहा कि बहुत जल्द उपभोक्ताओं को सिर्फ एक ही जगह जाना पड़ेगा, जहां पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, पीएनजी और एलपीजी जैसे सभी तरह के ईंधन उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि पहले ही सरकार डीजल के लिए घुमंतू (मोबाइल) वितरण शुरू कर दी है और ऐसा ही पेट्रोल और सीएनजी के लिए भी सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में लोगों को ईंधन की होम डिलीवरी भी कराई जाएगी।
 
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस सचिव तरुण कपूर ने कहा कि भारत पूरी दुनिया में ऊर्जा का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता देश है। वह अपने ऊर्जा बास्केट में गैस की 15 फीसदी हिस्सेदारी पाने के लिए बड़ी उत्सुकता से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह देश में आर्थिक गतिविधि और उपभोग का स्तर बढ़ रहा है। उससे ऊर्जा का इस्तेमाल भी बढ़ना तय लगता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक रूप से सक्षम होने के लिए सरकार ईंधन के रूप में गैस को बढ़ावा और मदद देगी। इस वर्चुअल उद्घाटन समारोह में एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय गैस, कंपनियों और तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के अधिकारियों और अन्य हितधारकों ने भी भाग लिया। 
 
कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए देशभर में लागू किए गए लॉकडाउन की वजह से इन केंद्रों में कामकाज पर कुछ असर पड़ा। हालांकि, पिछले महीने प्रतिबंधों में ढील देने के बाद कार्य में तेजी आई और सुरक्षा एवं एक दूसरे से दूरी बनाए रखने (सोशल डिस्टेंसिंग) के नियमों का पालन करते हुए कार्य पूरा कर लिया गया। इससे वास्तविक रूप से निर्धारित समय से काम पूरा होने में कम ही विलंब हुआ। भारत के सीएनजी नेटवर्क में इन नये सीएनजी केंद्रों को जोड़ने के साथ ही देश में रोजाना वाहनों में ईधन भरने की क्षमता 50000 वाहन से बढ़ गई है।