ALL Crime Ministries Science Entertainment Social Political Health Environment Sport Financial
2 अक्टूबर को शौचमुक्त होगा भारत—मुख्य सचिव
October 1, 2019 • Snigdha Verma

स्वच्छ भारत मिशन स्वतंत्रता की तरह एक आन्दोलन है— सतीश चन्द द्विवेदी  

प्रतियोगिता में विजयी छात्रों एवं विद्यालयों को किया गया सम्मानित

लखनऊ । स्वच्छ भारत मिशन अभियान को प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता आन्दोलन की तरह लिया है। 2 अक्टूबर 2014 को जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छता को एक आन्दोलन की तरह शुरू किया था तो लोग उनका मजाक उड़ा रहे थे। लेकिन आज पूरा विश्व उनके इस अभियान की सराहना कर रहा है। और पूरी दुनिया हमारे प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान का लोहा मान रही है। पहले सरकार ने व्यक्तिगत शौचालय देकर देश के प्रत्येक परिवार को शौचालय प्रदान कर पांच साल के बाद 2 अक्टूबर को पूरे देश को शौच मुक्त घोषित कर दिया जाएगा। इसके बाद अब पालीथीन मुक्त देश बनाने का अभियान चल रहा है। पहले हमने सिंगल यूज पालीथीन/ प्लास्टिक पर प्रतिबन्ध लगाया है अब हम हर प्रकार की प्लास्टिक के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाने का काम करने के साथ—साथ विद्या भारती द्वारा अपने स्कूलों में स्वच्छता और पालीथीन पर प्रतियोगिता कराकर जो मुहिम प्रदेश में छेड़ी है हम प्रदेश के सरकारी स्कूलों में भी इस अभियान को लागू कराने का प्रयास करेंगे। यह विचार सोमवार प्रदेश के बेसिक शिक्षामंत्री स्वतंत्र प्रभार सतीश चन्द द्विवेदी ने विद्या भारती द्वारा स्वच्छता एवं पालीथीन उन्मूलन विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में विजयी भइया एवं बहनों के लिए पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह में व्यक्त कर रहे थे। उन्होने कहा कि विद्या भारती का यह कार्य सराहनीय ही नहीं अपितु काफी महत्वपूर्ण भी है क्योंकि इससे लाखों लोग जुड़े हैं। इसलिए एक साथ सब स्वच्छता और पालीथीन के प्रति जागरूकता फैलाने का काम करेंगे। उन्होने कहा कि स्वच्छता का बड़ा अर्थशास्त्र है, क्योंकि अब कचरे से खाद और अन्य चीजे बनाई जाने लगी हैं,जिससे लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। श्री द्विवेदी ने कहा कि इसे बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में भी लागू करेंगे। जिससे गांव गांव तक इसके प्रति जागरूकता बढ़े। उन्होने कहा कि सरकारी स्कूलों में अब सुबह 15 मिनट का योग कर्यक्रम कराया जा रहा है। इसके अलावा माह के पहले सोमवार को सरकारी स्कूलों  में भी शिक्षक अभिभावक बैठक का आयोजन किया जाने लगा है। 1 अक्टूबर से स्कूलों में वृद्ध दिवस मनाया जाएगा। उन्होने कहा कि स्वामी विवेकानन्द के जन्म दिवस के अवसर पर शिक्षक अभिभावक समागम कराने का प्रयास करेगें। श्री द्विवेदी ने प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागियों एवं उनके प्रधानाचार्यों एवं इस कार्यक्रम में सहयोग प्रदान करने वाले सभी सम्मानित सदस्यों को बधाई दी।

इससे पूर्व प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि विद्या भारती का यह कार्य देश और प्रदेश के हित में एक पुनीत कार्य है। मैं यहां आकर स्वयं को भी उर्जावान और शक्तिवान महसूस कर रहा हूॅं। उन्होने कहा कि पहले यह कार्यक्रम  किताबों और भाषणों तक सीमित सीमित था। नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद इसे जो गति मिली उसे प्रदेश की योगी सरकार ने अपने ढाई साल के कार्यकाल में वास्तविक स्वरूप प्रदान किया। 2 अक्टूबर को पूरा देश शौच मुक्त हो रहा है। पूरी दुनिया इस ओर देख रही है। उ0प्र0 में ढाई साल में 2 करोड़ 75 लाख परिवारों को  शौचालय प्रदान किए गए। स्वच्छता के लिए उ0 प्रदेश को प्रथम पुरस्कार मिलने की सम्भावना है। स्वच्छता एवं पालीथीन उन्मूलन में विद्या भारती महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही है। विद्याभारती के इस अभियान से हमारे देश के बच्चे एक सबल, समृद्ध,योग्य समर्पित नागरिक बनेंगे। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन  के तहत एक महत्वपूर्ण कार्य किया है। गन्दगी की वजह से पहले हजारों लोगों की मौत हो जाती थी जिसमें महत्वपूर्ण बीमारियों से मरने वालों की संख्या में 70 से 80 प्रतिशत की गिरावट आई है। श्री तिवारी ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों में प्लास्टिक के प्रयोग पर रोक लगा दी गई है।अब सभी लोग पानी की बोतल की जगह कांच के गिलास में पानी पी रहे हैं। उन्होने कहा कि प्रदेश में निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए 1600 बड़ी और 3500 छोटी गोशालाओं का निर्माण किया जा रहा है। पालीथीन की वजह से मनुष्यों के साथ ही गोवंश का जीवन भी खतरे में पड़ गया है। सड़क पर गोवंश घूमते न मिले, इसके लिए सरकार प्रयासरत है। विद्याभारती के सहयोग के लिए उन्होने आभार व्यक्त किया। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारम्भ सरस्वती वंदना और आरती के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

विद्या भारती के पूर्वी उत्तर प्रदेश के 1100 सरस्वती शिशु मंदिरों के एक लाख भइया एवं बहनों में जल,जंगल,जीव, जमीन के प्रति व्यापक जन जागृति और भागीदारी बढ़ाने हेतु राज्य स्तरीय प्रतियोगिता कराई गयी जिसमें निबन्ध लेखन,कविता लेखन, चित्रकला,आदर्श वाक्य लेखन में चार प्रतिभागियों को चल बैजन्ती ट्राफी प्रदान की गयी। जिसमें फतेहपुर की अनन्या को निबन्ध लेखन ,राजधानी की क्षमा दुबे को कविता लेखन,झांसी की साधना वर्मा को चित्रकला, सिद्धार्थनगर के आलोक वर्मा को आदर्श वाक्य लेखन में प्रथम पुरस्कार के साथ 21—21 हजार के चेक और  शील्ड, खादी का झोला प्रदान किए गये। और इनके विद्यालयों को एक साल के लिए चल बैजन्ती ट्राफी प्रदान की गयी। जो अगले साल होने वाली प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने वाले विद्यालयों को प्रदान की जाएगी। द्वितीय पुरस्कार झांसी की खुशी रावत,अम्बेडकर नगर के शिवम यादव,रायबरेली की पूर्णिमा यादव को को प्रदान किए गए। पुरस्कार के रूप में इनको 11 हजार की चेक, शील्ड, खादी का झोला प्रदान किया गया। तृतीय पुरस्कार जागृति गोस्वामी गोरखपुर,अर्चना कश्यप इंदिरानगर,राखी वर्मा सीतापुर,दृष्टि पाण्डेय अयोध्या को 51—51 सौ का चेक के साथ अन्य सामग्री प्रदान की गयी।  इसी तरह सांत्वना पुरस्कार के रूप में कविता लेखन में ऋषभ कुमार कन्नौज,सौरभ कान्त मिश्र प्रयागराज,आयुष्मान तिवारी अयोध्या,अंकुर यादव सिद्धार्थनगर,रीतिका यादव गोरखपुर को 11—11 सौ के चेक प्रदान किए गए। निबन्ध लेखन में सांत्वना पुरस्कार प्रहलाद रैकवार झांसी,अमिता देवी   फतेहपुर,अंजली शुक्ला औरैया,अंकुरमिश्र देवरिया, मांडवी त्रिपाठी गोरखपुर को दिया गया। हमीरपुर के राठ से नरेश कुमार , गोरखपुर से तेजूश्वर सिंह,प्रयागराज से प्रीति पटेल,अमेठी से सुमित अग्रहरि, गोला,लखीमपुर खीरी की साक्षी वर्मा को भी सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। इसी क्रम में गोरखपुर से अमीशा गुप्ता, राजधानी की आस्था बाजपेई,रायबरेली से पूजा यादव, यहीं से सत्यम कुमार, प्रयागराज से सुचि अग्रहरि  को प्रदान किया गया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए केजीएमयू के कुलपति एमएलबी भट्ट ने कहा कि फूड सिक्योरिटी और स्वच्छता के कारण हमारे देश के मनुष्यों की औसत आयु 2 से ढाई गुना बढ़ी है। 1910—20 में हमारे देश के मनुष्यों की औसत आयु 26 वर्ष थी जो अब 70 वर्ष पहुंच गई है। सफाई के विषय में उदाहरण देते हुए कहा कि पहले गांव में लिपाई पुताई के बिना खाना बनाया खाया जाता था। आज इसकी जगह पश्चमी सभ्यता का प्रभाव बढ़ने से जूता चप्पल पहन कर खाना बनाया और खाया जाता है। मनुष्य को व्यक्तिगत स्वच्छता पर ध्यान देना चाहिए। पालीथीन का असर सबसे अधिक अमेरिका में पाया गया वहां के मनुष्यों के ब्लड में 94 प्रतिशत पालीथीन का मिश्रण पाया गया। दूसरे स्थान पर लेबनान और तीसरे स्थान पर भारत का नाम आता है। इसलिए इससे सतर्क होने की जरूरत है। उन्होने कहा कि 2022 तक सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह प्रतिबन्ध लगा दिया जाएगा।
समारोह को सम्बोधित करते हुए गोसेवा आयोग के अध्यक्ष प्रोफेसर श्याम नन्दन सिंह  ने कहा कि पहले के लोग ईष्र्या करते होगें कि हमारे समय में ऐसा क्यों नहीं हुआ।  जो इस समय हो रहा है।
विद्या भारती पूर्वी के क्षेत्रीय संगठन मंत्री हेम चन्द्र जी ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1100 विद्यालय हैं जिनमें 4 लाख छात्र हैं।इससे तीन लाख परिवार जुड़े हैं। इसमें 20 हजार प्रबन्ध समितियां हैं। हमारे संस्थान को एजीएफआई का पुरस्कार भारत सरकार से मिल चुका है। जो स्वच्छता पर पुरस्कार प्रदान करता है।  इनके अलावा प्रो. एस.पी. सिंह, विधायक माधवेन्द्र प्रताप सिंह, विद्याभारती पूर्वी के प्रचार प्रमुख सौरभ मिश्र, कार्यक्रम के अध्यक्ष यतीन्द्र शर्मा ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम का संचालन यूनाइट फाउन्डेशन के उपाध्यक्ष राधेश्याम दीक्षित ने किया। इस अवसर पर यूनाइट फाउन्डेशन के अध्यक्ष डा0 प्रमोद कुमार त्रिपाठी,विद्या भारती के क्षेत्रीय मंत्री जय प्रकाश सिंह,ललितकला अकादमी के वेणुगोपाल, स्वामी सारंग जी, एडीआर के संजय सिंह जिन्हें जल संरक्षण के लिए सम्मानित किया गया। इनके अलावा,मिल्कीपुर के विधायक गोरखनाथ बाबा, राजेन्द्र कुमार ,राजकुमार तिवारी, दिनेश कुमार सिंह, हरीराम पाण्डेय,सुरेश सिंह, योगेश मिश्र पत्रकार हेमंत तिवारी,भाष्कर दुबे भी उपस्थित थे।