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आईएचजीएफ दिल्ली मेले का 49वां संस्करण वर्चुअल मोड पर : रवि के. पासी
June 30, 2020 • Snigdha Verma • Social

13 से 16 जुलाई तक देश के 70 लाख हस्तशिल्पियों के उत्पादों का होगा प्रदर्शन : राकेश कुमार

ग्रेटर नोएडा। आईएचजीएफ दिल्ली मेले का 49वां संस्करण वर्चुअल मोड पर आयोजित होगा। लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में एक छत की नीचे होने वाले विश्व के सबसे बड़े हस्तशिल्प निर्यातकों के एकत्रीकरण के तौर पर दर्ज मेले के स्वरूप में इस साल बदलाव किया गया है। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) के चेयरमैन रवि के. पासी ने बताया कि कोविड महामारी ने वैश्विक रूप से लोगों की यात्राओं पर लगाम लगा दी है। इस समय कोई भी एक देश से दूसरे देश यात्रा करने में समर्थ नहीं हैं। ऐसी कठिन परिस्थिति में ईपीसीएच ने वर्चुअल मोड पर मेले का आयोजन कराने का महत्वपूर्ण समाधान प्रस्तुत किया है। इसी कड़ी में आईएचजीएफ दिल्ली मेले के 49वें संस्करण को 13 से 16 जुलाई 2020 तक वर्चुअल प्लेटफार्म पर आयोजित किया जाएगा।  
 
रवि के. पासी ने बताया कि देश के कोने-कोने में बनने वाले उत्कृष्ट हस्तशिल्प और उसकी रेंज से भारत की समृद्ध विविधता की झलक मिलती है। देश में 70 लाख से ज्यादा हस्तशिल्पी और कारीगर इन समृद्ध हस्तशिल्पों के निर्माण में लगे हैं। निर्यात के जरिए वे अपने रोजगार के साथ ही देश के लिए महत्वपूर्ण विदेशी मुद्रा भी अर्जित करते हैं। हस्तशिल्प सेक्टर में ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी कच्चे माल का इस्तेमाल होता है, ये थोड़ी सी लागत से बनते हैं और इनके जरिए कारीगरों के जादुई हाथों की कारीगरी और सदियों से चली आ रही समृद्ध परंपरा भी जीवित रहती है। 
 
ईपीसीएच के महानिदेशक राकेश कुमार ने कहा कि इस महाआयोजन के पूर्व परिषद उत्पाद आधारित दो इवेंट, इंडियन फैशन ज्वैलरी एंड एसेसरीज का आयोजन 1 से 4 जून 2020 और आईएचजीएफ टेक्सटाइल्स वर्चुअल फेयर 15 से 18 जून 2020 का सफलता पूर्वक आयोजन कर चुकी है। उनमें बाइंग एजेंट्स, थोक और फुटकर विक्रेताओ के साथ ही 2700 विदेशी ग्राहकों ने भी शिरकत की है। इन दोनों मेलों में 400 करोड़ से ज्यादा की बिजनेस इनक्वायरी भी की गयी। 
 
इस आयोजन के 49 वें संस्करण में परिषद के 1500 से ज्यादा सदस्य निर्यातक कई श्रेणियों में बहुत से उत्पाद जैसे हाउसवेयर, बाथरूम एसेसरीज, लॉन, गार्डेन, गहने और एसेसरीज, फर्नीचर, फर्नीचर हार्डवेयर एंड एसेसरीज, होम फर्निशिंग एंड मेडअप्स, कालीन, रग्स और फ्लोरिंग्स, फैशन ज्वैलरी एंड एसेसरीज, सजावटी गिफ्ट जैसे कॉरपोरेट गिफ्ट, क्रिसमस एंड फेस्टिव डेकोर, हस्तनिर्मित पेपर, गिफ्ट रैप, रिबन, सॉफ्ट टॉयज, मोमबत्तियां, अगरबत्ती, पॉटपोरी, सुंगधित वस्तुएं, अरोमैटिक्स, योग-ध्यान और हीलींग आइटम आदि प्रदर्शित करेंगे।
 
ईपीसीएच के महानिदेशक राकेश कुमार ने बताया कि भले ही ये नया माध्यम है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि इसमे पूरी दुनिया से बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लेंगे। इनमें विदेशी ग्राहकों के साथ ही थोक विक्रेता, वितरक, चेन स्टोर्स, डिपार्टमेंटल स्टोर्स, फुटकर विक्रेता, मेल आर्डर कंपनीज, ब्रांड ओनर्स, बाइंग हाउसेस, डिजाइनर और ट्रेंड फोरकास्टर्स भी शामिल होंगे और अपनी जरुरत के हिसाब से व्यापारिक गतिविधियों में हिस्सा भी लेंगे। ग्राहकों को आमंत्रित करने के लिए ईपीसीएच ने व्यापक प्रचार प्रसार की रणनीति बनाई है। इसमें ईमेलर्स, ऑनलाइन बैनर्स, सोशल मीडिया, टेलीकॉलिंग के साथ ही आयोजन के प्रचार के लिए दुनियाभर में फैले दूतावासों और भारतीय मिशन को भी शामिल किया गया है। 
 
अभी से ही कई देशों के विदेशी ग्राहकों ने आयोजन में शामिल होने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया है। इनमें आस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, ब्राजील, कनाडा, चाड, चिली, चीन, चेक रिपब्लिक, डेनमार्क, इक्वाडोर, मिस्त्र, फिजी, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, हॉन्गकॉन्ग, आयरलैंड, इजराइल, इटली, जापान, कुवैत, लेबनान, लिथुवानिया, लग्जमबर्ग, मारीशस, नामीबिया, नेपाल, नीदरलैंड, न्यूकैलेडोनिया, न्यूजीलैंड, नार्वे, ओमान, फिलीपींस, पुर्तगाल, पुअर्टोरिको, रूस, सउदी अरब, सर्बिया एंड मॉटेनेग्रो, सिंगापुर, दक्षिणी अफ्रीका, स्पेन, स्वीडन, स्विटजरलैंड, ताइवान, थाईलैंड, तुर्की, युगांडा, संयुक्त अरब अमीरात, यूके, अमरीका, उरुग्वे और कई अन्य देशों के ग्राहक शामिल हैं। 
 
कंपनियों और डिपार्टमेंटल स्टोर्स के ग्राहकों ने भी बड़ी संख्या में आयोजन में हिस्सा लेने का निर्णय किया है। इनमें अमरीका के कॉस्ट प्लस वर्ल्ड मार्केट, एंथ्रोपॉलोजी, रैल्फ लॉरेन, डब्ल्यूकेएनडी-डब्ल्यूवाइएफआर, अर्बन आउटफिटर्स, मडपाई, क्रेकर बैरेल, टीजेएक्स, विस्टेरिया, बेडबाथ एंड बियॉंड, जर्मनी की चीबो, मार्को पोलो, इम्प्रेशनन, दक्षिण अफ्रीका की पिक एंड पे, इजराइल की फॉक्सहोम, नीदरलैंड्स की रिविएरा मैसन, एडलमैन बी.वी, फ्रांस की कैरेफोर, ऑस्ट्रेलिया की बनिंग्स वेयरहाउस, यूके के टेस्को, रॉस, नेक्सट, स्विटजरलैंड की माइग्रोस और कनाडा की किफ किफ इम्पोर्ट्स शामिल हैं। 
 
भारत के प्रमुख रिटेल और ऑनलाइन ब्रान्ड्स ने भी इस आयोजन में बहुत रुचि दिखाई है। इस वर्चुअल प्लैटफार्म से अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़ी संख्या में पंजीकरण कराया है। पंजीकरण कराने वालों में प्रमुख हैं- बॉम्बे स्टोर लिमिटेड, सिनर्जी लाइफ स्टाइल, फैब इंडिया ओवरसीड प्राइवेट लिमिटेड, गुडअर्थ डिजाइन स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड, रिलायंस रिटेल, वॉलमार्ट, एशियन पेंट्स लिमिटेड, रेमंड लिमिटेड, स्लीपवेल, प्राक्सिस होम रिटेल लिमिटेड (होमटाउन), ट्रेंट लिमिटेड (वेस्टसाइड), अर्बन लैडर, आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल लिमिटेड आदि। 

राकेश कुमार ने कहा कि ईपीसीएच ने हरसंभव प्रयास किया है कि वर्चुअल मोड पर होने वाले इस आयोजन में थीम्स किसी भी तरह सामान्य मेले से कम ना रह जाएं। वर्चुअल प्लेटफार्म पर भी जम्मू कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों के हस्तशिल्प को प्रस्तुत करने के लिए विशेष थीम और प्रस्तुतीकरण की व्यवस्था की गयी है। 

पूर्वोत्तर पैवेलियन में 20 से ज्यादा हस्तशिल्पी और उद्यमी ऐसी ईको फ्रेंडली कलाकृतियों का प्रदर्शन करेंगे, जो प्राकृतिक चीजों से बनी होती है, जैसे- बांस, टेराकोटा, प्राकृतिक फाइबर्स, ईरी सिल्क, मूगा सिल्क, ब्लैक पॉटरी आदि। ये चीजें देश के पूर्वोत्तर राज्यों में प्रचुरता से पाई जाती हैं। ईको फ्रेंडली क्राफ्ट्स की अगर बात की जाय तो देश का पूर्वोत्तर भाग इस मामले में सबसे समृद्ध है। देश के पूर्वोत्तर भाग में असम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मीजोरम, सिक्किम और त्रिपुरा शामिल हैं। ईपीसीएच के निरंतर अथक प्रयासों की वजह से देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र से होने वाला निर्यात वर्ष 2018-19 में 1323.39 करोड़ रुपये तक पहुंच गया और आईएचजीएफ के 49 वें संस्करण में ज्यादा से ज्यादा उद्यमियों को शामिल कर इसे और बढ़ाने के प्रयास चल रहे हैं। 

जम्मू-कश्मीर अपने प्राकृतिक सौंदर्य और विशिष्ट कच्चे माल जैसे अखरोट, पेपर मैशे, क्रिउल कढ़ाई, पश्मीना शॉल, नामदास तकिया के गिलाफ और घर की अन्य सजावटी वस्तुओं, कालीन, नक्काश चांदी के सामानों, विलो बास्केट, तांबे और ब्रास के सामान आदि के लिए प्रसिद्ध है, जिनसे दुनिया की सबसे खूबसूरत कला को प्रेरणा मिलती है। आयोजन के दौरान इन वस्तुओं को विदेशी ग्राहकों, थोक और फुटकर विक्रेताओं को प्रदर्शित करने के लिए 20 कारीगरों और उद्यमियों को तैयार किया गया है।  
 
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिल्पियों के थीम आधारित कलाप्रदर्शन के जरिए गुजरात की कलात्मक टेक्सटाइल, जम्मू-कश्मीर के कानी शॉलों, बिहारी की मिथिला पेंटिग्स, नई दिल्ली की हॉर्न फैशन ज्वैलरी, राजस्थान की मीनाकारी और गोल्ड लीफ क्राफ्ट, महाराष्ट्र की वरली आर्ट को आयोजन का प्रमुख आकर्षण बनाया जाएगा। इस इवेंट में कई महत्वपूर्ण वेबिनार्स का भी आयोजन किया जाएगा। श्री कुमार ने बताया कि इस महाआयोजन के दौरान प्रतिभागियों के उत्पादों का प्रदर्शन मॉडल्स और रैंप शो के जरिए किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019-20 में 25,027.08 करोड़ रुपये का हस्तशिल्प निर्यात किया गया था।