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बाजार हस्तक्षेप योजना का लाभ ले सकते हैं बागवानी से जुड़े किसान
April 10, 2020 • Snigdha Verma • Ministries

जल्दी खराब होने वाली उपज की कीमतें गिरने पर राज्य दे सकते हैं प्रस्ताव

केंद्रीय कृषि मंत्री श्री तोमर के निर्देश पर मंत्रालय ने राज्यों को भेजा परिपत्र

बागवानी से जुड़े किसानों को भी राहत देने के लिए हरसंभव प्रयत्न कर रही है केंद्र सरकार

नई दिल्ली कोरोनावायरस के कारण देश में लाकडाउन के चलते बागवानी से जुड़े किसानोंको भी राहत देने के लिए केंद्र सरकार हरसंभव प्रयत्न कर रही है। इसी क्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर के निर्देश पर मंत्रालय ने सभी राज्यों को दोबारा एक परिपत्र भेजा है, जिसके तहत जल्दी खराब होने वाली बागवानी उपज के संबंध में सहायता देने का प्रावधान है। राज्य सरकारें किसानों की सहायता के लिएइस बाजार हस्तक्षेप योजना का तत्काल लाभ उठा सकती हैं।

कृषि मंत्री श्री तोमर ने 8 अप्रैल को वीडियोकांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यों के कृषि मंत्रियों से विस्तृत चर्चा की थी। इस दौरान कुछ राज्यों ने बागवानी से जुड़े विषय उठाए थे। इसके समाधान के तौर पर श्री तोमर ने तत्काल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए, जिस पर गुरूवार को यह परिपत्र सभी राज्यों को जारी किया गया है।

सभी राज्यों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि कुछ राज्यों ने अपने राज्यों में खराब होने वाली बागवानीफसलों की कम कीमतों पर चिंता व्यक्त की थी। इसे लेकर केंद्रीय कृषि विभाग ने सूचित किया है कि जल्दी खराब होने वाली कृषि और बागवानी फसलों के लिए पारिश्रमिक मूल्य सुनिश्चित करने हेतु बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआईएस) प्रभावी की गई है। बाजार हस्तक्षेप योजना (MIS) के तहतऐसी कृषि और बागवानी वस्तुओं की खरीदराज्य सरकार द्वारा की जा सकती है, जो जल्दी खराब हो जाती है, जैसे कि फल-सब्जियां।

यह योजना राज्य/केन्द्रशासित प्रदेश सरकार के अनुरोध पर कार्यान्वित की जाती है, जो इसके कार्यान्वयन पर होने वाले नुकसान का 50प्रतिशत (उत्तर-पूर्वी राज्यों के मामले में 25प्रतिशत) वहन करने के लिए तैयार है। योजना के तहत, एमआईएस दिशानिर्देशों के अनुसार, ऐसे कृषि उत्पादों का मूल्य बाजार मूल्य से 10 प्रतिशत कम हो या फिर उत्पादन 10 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ जाए तो राज्य सरकार इस योजना का लाभ उठा सकते है। राज्यों की निर्धारित एजेंसियों द्वारा एक निश्चित अवधि के लिए निर्धारित बाजार हस्तक्षेप मूल्य पर एक पूर्व निर्धारित मात्रा खरीदी जाती है या जब तक कीमतें एमआईपी से ऊपर स्थिर नहीं होती हैं, जो पहले हो एवं केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को नुकसान की 50 प्रतिशत तक भरपाई की जाती है। इसमें बागवानी, फल-सब्जी वाले किसानों को इनकी उपज का सही दाम मिल सकेगा, इसलिए केंद्रीय कृषि मंत्री श्री तोमर ने राज्य सरकारों से आग्रह किया है कि यह योजना लागू करके बागवानी किसानों को ज्यादा से ज्यादा फायदा पहुंचाया जाएं।