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बच्चे ही देश के भविष्य : भोलनाथ मिश्र
November 16, 2019 • Snigdha Verma

लखनऊ। बच्चे ही देश के भविष्य हैं। बच्चों के मानसिक विकास और स्वास्थ्य के लिए हमें अपने बच्चों को अच्छी परवरिश देने की जरुरत है। इसलिए हर माता-पिता की यह जिम्मेदारी है कि वह अपने बच्चों को अच्छी सी अच्छी परवरिश दें और उनके स्वस्थ्य पर भी ध्यान दे।

बच्चों में बढ़ रही लशे की लत, कुपोषण और कुरीतियों को लेकर को कैसे दूर किया जाए इसी मुद्दे को लेकर आज 14 नवम्बर यानि बाल दिवस के अवसर पर यूनाइट फाउण्डेशन ने एक नई पहल करते हुए अपनी सहयोगी संस्था “परवाज एक नई सोच” और “यूथ अगेंस्ट रेप” के साथ मिलकर “स्वस्थ बचपन, सुरक्षित बचपन” विषय पर जन जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन पूर्व माध्यमिक विद्यालय जेहटा में किया। जिसमें स्कूल के बच्चों के उनके अभिभावक, चाइल्ड लाइन 1098 की तरफ से अनिल श्रीवास्तव, सीएचसी से डॉ. अनिल कुमार, डॉ. नाजनीन और उनकी टीम के साथ-साथ स्कूल सारे स्टाप भी मौजूद रहे। 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता और स्वदेशी जागरण मंच के संयोजक भोलानाथ मिश्र ने कहा कि बच्चे देश के भविष्य है, लेकन यह तभी मुमकिन हो सकता है जब हर बच्चा शिक्षित होगा। ऐसा तभी होंगा जब बच्चे खुद से शिक्षा ग्रहण करने के लिए तैयार होगें। उन्होंने नोबेल विजेता कैलाश सत्यार्थी और मलाला का उदहरण दिया। मलाला का उदाहरण देते हुए कहा कि आतंकियों और तालिवान के लाख बंदिशों यहां तक गोली लगने के बाद भी वह शिक्षा ग्रहण कर रही है क्यों उसने ऐसा करने के लिए ठान लिया था।

उन्होंने कहा कि आज बच्चों में नशे की प्रवृति बढ़ती जा रही है। जिसके कारण बच्चे कुपोषण और नशाखोरी क् शिकार हो रहे है। बच्चे अपने साथ देश के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर रहे है। आज पुरे विश्व में बच्चों व महिलाओं की तस्करी दुनिया का सबसे फायेदमंद उद्योग बन चुका है। इस सामाजिक अभिशाप के खिलाफ हमें आगे आने की आवश्यकता है। केवल सरकार के भरोसे इस समस्या का समाधान संभव नहीं है। इसके लिए कॉरपोरेट, सिविल सोसाइटी व सरकार को मिलकर काम करना होगा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परवाज एक नई सोच के संस्थापक मोहम्मद तैय्यब ने  कहा कि देश में यौन अपराध एक महामारी के रुप में आज समाज के सामने आया है जो बहुत ही चौकानें वाला तथ्य है। उन्होने कहा कि बच्चों और महिलाओं के साथ यौन अपराध बहुत बढ़  रहा जिसका सबसे बड़ा करण नशा और समाज में जागरुकता की कमी है। संस्थापक मोहम्मद तैय्यब ने कहा कि बाल अधिकार के क्षेत्र में यूनाइट फाउण्डेशन के द्वारा किए जा रहे प्रयास बहुत ही सरहनीय है।

स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता एस.पी गौतम ने बच्चों को नशा से दूर रहने की शपथ दिलाते हुए कहा कि आज से हर बच्चा अपने गार्जियन को भी नशे दूर रहने के लिए प्रेरित करेगा। 

बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करते हुए स्कूल के प्रधानाध्यपक अलि किश्वर ने कहा कि हर बच्चों का अधिकार है शिक्षा ग्रहण करना। बच्चों को रोज स्कूल आना चाहिए और शिक्षकों को भी अपनी जिम्मेदारी को देखते हुए बच्चों को अच्छी शिक्षा देनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि बच्चों संस्कार भी बहुत जरुरी है। उन्होंने बच्चों के अभिभावकों को सम्बोधित करते हुए कहा स्कूल और अध्यापक से ज्यादा जिम्मेदारी छात्रों के अभिभावकों की होती है, कि उनका बच्चा क्या कर रहा है कहा जा रहा है, और कितना पढ़ रहा है।

कार्यक्रम के अंत में ग्राम पंचायत के प्रधान राहुल सिंह ने बच्चों और उपस्थित अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा आज हर घर में अपना पैरा जमा रहा है जो हमारे समाज के लिए बहुत ही हानिकारक है। उन्होंने लोगों से वादा किया कि इस विद्यालय में जो भी कमियां है उसे आने वाले 6 माह के अंदर दूर कर दिया जाएगा। इसके डॉक्चरों की टीम ने बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया।

कार्यक्रम में यूनाइट फाउण्डेशन के कार्यकर्ता लेखराम मौर्य, संयोजक दीपक मिश्र, सुकीर्ति मिश्रा, मोहमोम्मद तैय्यब संस्थापक परवाज एक नई सोच, हम्माद रज़ा,मोजाहिद खान,राहुल कुमार, शमशाद अहमद, और यूथ अगेंस्ट रेप के तनिष्क, वरुन, अर्पित और टीम के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन यूनाइट फाउण्डेशन की कार्यकर्ता सुकीर्ति मिश्रा कर रही थी।