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देश में 720 केवीके हुए, उ.प्र. में 3 नए केवीके प्रयागराज, रायबरेली, आजमगढ़ में खोले जाएंगे
July 7, 2020 • Snigdha Verma • Ministries

कृषि विज्ञान केंद्र, दातागंज,बदायूं-2 के प्रशासनिक भवन का केंद्रीय मंत्री द्वारा शिलान्यास

किसानों के साथ छलावा नहीं होने देगी सरकार, कानूनी बदलावों से लाभ- केंद्रीय मंत्री श्री तोमर

केंद्र सरकार के नए अध्यादेश से किसानों को उपज मूल्य की गारंटी पहले से मिलना तय

पीएम के नेतृत्व में श्रमिकों को रोजगार देने केंद्र के साथ उप्र का भी व्यापक अभियान-श्री तोमर

नई दिल्ली, 7 जुलाई 2020। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), दातागंज, बदायूं-2 (उत्तरप्रदेश) के प्रशासनिक भवन का आनलाइन शिलान्यास केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास तथा पंचायती राज मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किया। इस अवसर पर श्री तोमर ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के साथ छलावा नहीं होने देगी, इसीलिए नए अध्यादेश के माध्यम से कानूनी प्रावधान किए गए हैं। अब किसानों को उनकी उपज के मूल्य की गारंटी पहले से मिलना भी सुनिश्चित होगी। श्री तोमर ने कहा कि श्रमिकों को रोजगार देने के लिए केंद्र सरकार ने गरीब कल्याण रोजगार योजना प्रारंभ की है, वहीं उत्तरप्रदेश सरकार ने भी अपने स्तर पर लाखों रोजगार देने का व्यापक अभियान चलाया है, जो सराहनीय है।

केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने कृषि व अन्य क्षेत्रों में हो रहे निरंतर विकास का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तरप्रदेश समग्र विकास की, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की परिकल्पना को साकार कर रहा है। सरकार छोटे तबके के प्रति भी संवेदनशील है, जिसका उदाहरण है कि पिछले दिनों प्रवासी मजदूरों के आवागमन सहित अन्य विषयों को यूपी सरकार ने गंभीरता से लिया और बेहतर रणनीति बनाकर सफलतापूर्वक काम किया। श्री तोमर ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में गरीब कल्याण रोजगार योजना को छह राज्यों के 116 जिलों में लागू कर रोजगार देने के लिए ठोस कदम उठाया हैं, वहीं यूपी सरकार ने भी अपने स्तर पर श्रमिकों को रोजगार देने का व्यापक अभियान चलाया है, जिसका शुभारंभ पिछले दिनों प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने किया। श्री तोमर ने लाकडाउन के बावजूद उत्तरप्रदेश में खेती-किसानी के क्षेत्र में अच्छा काम होने पर किसानों की सराहना की और मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ तथा राज्य के कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही को भी बधाई दी।

श्री तोमर ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में नए रिफार्म हुए हैं। दो नए अध्यादेश लाए गए हैं। कानूनी बदलावों के कारण किसान अब अपनी उपज देश में कहीं भी बेच सकते हैं, उन पर किसी की कोई पाबंदी नहीं है। कृषि के क्षेत्र में इससे क्रांतिकारी बदलाव होगा। मूल्‍य आश्‍वासन और कृषि सेवाओं के करारों के लिए किसानों का सशक्‍तिकरण और संरक्षण अध्‍यादेश- 2020 लाए जाने से अब किसानों को पहले से ही अपनी उपज के मूल्य की गारंटी मिल सकेगी। फसल खरीदने के करार के साथ ही, हर परिस्थिति में व्यापारियों को किसानों के उत्पादों का न्यूनतम मूल्य का भुगतान करना ही पड़ेगा। किसानों के साथ किसी भी तरह का छलावा नहीं हो सकें, यह सुनिश्चित करने की कोशिश केंद्र सरकार ने अध्यादेश के माध्यम से की है।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि यूपी में 86 केवीके हैं, जो अच्छा काम कर रहे हैं। उ.प्र. में विगत वर्षों में 20 केवीके की स्वीकृति दी गई थी, जिनमें से 17 खोले जा चुके हैं। शेष 3 केवीके प्रयागराज, रायबरेली व आजमगढ़ में शीघ्र खुल जाएंगे। एक केवीके मुरादाबाद में प्रस्तावित है। श्री तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व में देश में सरकार बनने के बाद से कृषि व अन्य क्षेत्रों की गेप भरने का काम किया जा रहा है। खाद्यान्न की दृष्टि से देश अब आत्मनिर्भर ही नहीं बल्कि अधिशेष है। इसमें किसानों के साथ ही वैज्ञानिकों का बड़ा योगदान है। केवीके अच्छी साख जमा चुके हैं, फिर भी निरंतर काम करने की आवश्यकता है। देश में 86 प्रतिशत छोटे व सीमांत किसान है, जिन तक सभी सरकारी सुविधाओं, योजनाओं व कार्यक्रमों की पहुंच होना चाहिए। इस दिशा में राज्य सरकारों के साथ केवीके को काम करने की जरूरत है

उन्होंने किसानों से मृदा स्वास्थ्य परीक्षण पर ज्यादा ध्यान देने, पेस्टीसाइड्स के इस्तेमाल से बचने, पानी बचाते हुए खेती करने व उत्पादकता बढ़ाने की अपील की, वहीं इस दिशा में केवीके द्वारा भी सतत् काम किए जाने की आवश्यकता बताई। श्री तोमर ने कहा कि कलस्टर फार्मिंग बढ़े, क्षेत्र की जलवायु के अनुरूप फसलें विकसित की जाएं, केंद्र सरकार की सोच के अनुरूप खेती-किसानी का विकास हो, इस दिशा में केवीके को अग्रणी भूमिका निभाना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि इस नए केवीके की भूमिका का लाभ पूरे क्षेत्र को मिलेगा।

कार्यक्रम में बताया गया कि देश में 720 केवीके हैं और 151 क्लाइमेट स्मार्ट विलेज बनाए गए हैं, जो विभिन्न परिस्थितियों के लिए तकनीकी माडल प्रस्तुत कर रहे हैं। केवीके द्वारा हर साल लगभग 15 लाख किसानों व युवाओं को प्रशिक्षण देने का काम भी किया जा रहा हैं। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री कैलाश चौधरी, उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही, सांसद श्री धर्मेंद्र कश्यप, विधायक श्री राजीव कुमार सिंह, ICAR के महानिदेशक डा. त्रिलोचन महापात्रा, उपमहानिदेशक (कृषि प्रसार) डॉ. ए.के. सिंह, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ के कुलपति डा. आर.के. मित्तल, ICAR-अटारी के निदेशक डॉ. अतरसिंह सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।