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हाथरस की बेटी को न्याय के लिए वाल्मीकि धर्म समाज ने निकाला कैंडिल मार्च
October 1, 2020 • Snigdha Verma • Political

नारी हमारी धर्म और संस्कृति का मुकुट है। इसका अपमान बर्दाश्त के काबिल नहीं : देवेंद्र अवाना

नोएडा। भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज संगठन ने सामूहिक दुष्कर्म के बाद जिंदगी की जंग हारने वाली हाथरस की बेटी को न्याय दिलाने के लिए सेक्टर 38ए स्थित जीआईपी माल से दलित प्रेरणा स्थल तक कैंडिल मार्च निकाला । इसमें विभिन्न सामाजिक व राजनैतिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कैंडिल मार्च में समाजवादी मजदूर सभा के प्रदेश महासचिव देवेंद्र सिंह अवाना के नेतृत्व में पार्टी के साथियों ने भी बिटिया के लिए इंसाफ की गुहार लगाई। इस दौरान सभी ने जमकर नारेबाजी की। दिवंगत बेटी को सभी ने नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की। दलित प्रेरणा स्थल पहुंचकर सभी ने दो मिनट का मौन रखकर ईश्वर से दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

संगठन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष मुकेश वाल्मीकि ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बहन बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। पूरे प्रदेश में अपराधियों का बोलबाला है। कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। दिवंगत बेटी का आनन फानन जबरन रात में ही दाह संस्कार कराना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। हैवानियत कर मानवता को शर्मसार करने वाले नरपिशाचों को फांसी की सजा दी जाए। हमारे समाज को न्याय चाहिए।

समाजवादी पार्टी के साथियों का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ नेता देवेंद्र सिंह अवाना ने कहा कि भगवान श्रीराम मंदिर के नाम पर राजनीति करने वाले भूल गए कि नारी समाज के प्रति श्रीराम की सोचा क्या थी। उन्होंने कहा कि राजभवन से एक दुखी महिला के निराश लौटने पर श्रीराम के वचन सत्ता के लोगों को नहीं पता है। नारी हमारी धर्म और संस्कृत का मुकुट है। इसका अपमान बर्दाश्त के काबिल नहीं है। 

सपा नेता राघवेंद्र दुबे ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों का मनोबल इतना बढ़ा हुआ है कि वह किसी भी आपराधिक घटना को अंजाम देने में जरा भी हिचकिचा नहीं रहे हैं। हाथरस की घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है। अपराधियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए, जिससे कोई भी दोबारा ऐसा कृत्य करने की हिमाकत ना कर सके।

इस अवसर पर समाजवादी मजूदर सभा के प्रदेश महासचिव देवेंद्र सिंह अवाना, प्रदेश सचिव हीरालाल यादव, रविन्द्र वाल्मीकि, विनोद यादव, डॉ. आश्रय गुप्ता, मनोज गोयल, अमितेश सिंह, गोरेलाल, दीपक तिवारी, अविनाश यादव, अनिल पंडित, अजब यादव, राजू टांक, रविन्द्र पतवाड़ी, तारा चन्द मकवाना, महेन्द्र सूद, सन्तोष सूद, सन्तोष चौटाला, बब्लू पार्चा और सूरज सूद आदि मौजूद रहे।