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हिमाचल प्रदेश, शिमला के  सीमावर्ती गाँव में सीईएल द्वारा प्रारंभ किया गया 1 मेगावाट (एसी) सोलर पावर प्लांट
July 10, 2020 • Snigdha Verma • Financial

 साहिबाबाद

सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड,  विज्ञान एवम प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत भारत सरकार का  एक पीएसयू ने हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रिमोट वधाल गाँव में 1 मेगावाट (एसी) सोलर पावर प्लांट को प्रारंभ करके अतुलनीय लक्ष्य हासिल किया ।

कंपनी को एसजेवीएन लिमिटेड की ओर से 5 वर्षों के लिए 1 मेगावाट (एसी ) की संरचना इंजीन्यरिंग ,आपूर्ति ,स्थापना , कमीशन और ओ एंड एम के लिए एक आदेश मिला है जो विद्युत मंत्रालय के तहत एक मिनी रत्न और अनुसूची 'ए' सीपीएसयू है तथा  भारत सरकार तथा हिमाचल प्रदेश सरकार  के बीच एक संयुक्त उद्यम  है,

 भोलानाथ सरकार, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक ने COVID -19 महामारी की स्थिति के दौरान 1 मेगावाट (एसी) सोलर पावर प्लांट को प्रारंभ करने में सीईएल के इंजीनियरों और अधिकारियों के समर्पण और प्रयासों की सराहना की ।

मनोज शर्मा, जनसंपर्क अधिकारी, सीईएल ने बताया कि परियोजना की शुरुआत से ही  इस स्थान पर काम एक चुनौती रहा है ।परियोजना साइट सतलुज नदी के ठीक ऊपर एक घाटी भूमि में सारणीबद्ध भूमि  पर एनएच -5 पर  नैनी से 3 किमी नीचे स्थित है । जनशक्ति और सामग्री का  परिवहन टेठी-मेढ़ी तथा  खुरदरी सड़कें , मौसम की खराब स्थिति और एनएच -5 पर  भूस्खलन, सड़क विस्तार कार्य और अन्य अन्य  कारणो से  निरंतर रोड बंद रहने के कारण  काफी चुनौतीपूर्ण रहा ।

 सर्दियों के दौरान, सर्द हवाओं की गति के बावजूद  इंजीनियरों ने कार्य की उच्च गति को बनाय रखा ।  बर्फबारी और भारी बारिश ने भी काम की प्रगति में  बाधा उत्पन्न की ।COVID-19 के दौरान लॉकडाउन ने भी काम बंद कर दिया लेकिन जैसे ही प्रतिबंध हटाए गए काम फिर से शुरू हो गए। कंपनी के इंजीनियरों की  टीम ने देर तक काम किया और आखिरकार जमीन पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगा कर एसजेवीएन लिमिटेड के अधिकारियों की उपस्थिति में एनर्जाइजेशन पूरा किया तथा  22केवी  ग्रिड को बिजली की  आपूर्ति की ।सौर पीवी बिजली की यह निकासी  उच्च वोल्टेज 22केवी  ग्रिड के लिए एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, जो सीईएल के स्थापना इतिहास में पहला और सीईएल के  लिए एक महान उपलब्धि है। सीईएल ने अतीत में लेह और लद्दाख सहित हिमालय में कई दुर्गम क्षेत्रों में  ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना की है और इसके इंजीनियर सौर क्षेत्र तथा सौर पीवी संस्थापना में  अत्यधिक योग्य और अनुभवी  हैं ।