ALL Crime Ministries Science Entertainment Social Political Health Environment Sport Financial
हिन्दू महासभा ने आयोजित किया महामना जयंती, स्वामी श्रद्धानंद बलिदान दिवस एवं तुलसी पूजन कार्यक्रम
December 25, 2019 • Snigdha Verma


नई दिल्ली
आज मंदिर मार्ग, नई दिल्ली स्थित हिन्दू महासभा भवन में अखिल भारत हिन्दू महासभा, श्रेष्ठ संस्था व युवा हिन्दू सनातन संघ के तत्वावधान में अखिल भारत हिन्दू महासभा के पूर्व अध्यक्ष महामना पं0 मदन मोहन मालवीय की जयंती, स्वामी श्रद्वानन्द बलिदान दिवस समारोह व तुलसी पूजन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।

इस अवसर पर अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश कौशिक, राष्ट्रीय महामंत्री मुन्ना कुमार शर्मा, राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री वीरेश त्यागी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मदनश्री महाराज, प्रो0 बमबम सिंह, अशोक त्यागी, युवा सनातन संघ के अध्यक्ष बमबम ठाकुर, अनिल त्यागी, दिनेश त्यागी,  श्रेष्ठ संस्था के महामंत्री वरिष्ठ अधिवक्ता सत्येंन्द्र वशिष्ठ सहित हिन्दूवादी व राष्ट्रवादी संगठनों के सैकड़ों प्रतिनिधि उपस्थित थे। सर्वप्रथम महामना पं0 मदन मोहन मालवीय व स्वामी श्रद्वानन्द के चित्र पर पुष्प अर्पित किया गया। दीप प्रज्वलन के बाद कार्यक्रम की शुरूआत की गई। इससे पूर्व हवन व पूजन किया गया। सभी उपस्थितजनों को तुलसी का पौधा भेंट स्वरूप दिया गया। समारोह को संबोधित करते हुए अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश कौशिक ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 25 दिसंबर को हमलोग तुलसी पूजन दिवस के रूप में मनाते हैं।

उन्होंने कहा कि तुलसी स्वास्थ्य, धर्म एवं पर्यावरण के दृष्टिकोण से सर्वोत्तम पौधा है। इसलिये हमें इस पौधे को घर-घर लगाना चाहिए। उन्होंने क्रिसमस का बहिष्कार करने का आहवान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय  महामंत्री मुन्ना कुमार शर्मा ने कहा कि महान स्वतंत्रता सेनानी व सनातन धर्म के रक्षक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी का जन्म आज ही हुआ था। वे अखिल भारत हिन्दू महासभा के तीन बार अध्यक्ष रहे थें। उन्होंने ही बनारस हिन्दू विश्वविधालय की स्थापना की थी। वहीं हिन्दू महासभा के पूर्व अध्यक्ष स्वामी श्रद्वानन्द जी ने अपना पूरा जीवन शिक्षा व वैदिक धर्म के प्रचार में लगा दिया था। 25 दिसंबर को एक धर्माध्ंा मुस्लिम रशीद ने उनकी हत्या कर राष्ट्रद्रोह का कार्य किया। परन्तु उनकी हत्या के बाद गांधी द्वारा रशीद को भाई कहकर पुकारना तथा उसे माफ करने की बात करना अत्यंत निंदनीय है। ऐसे हिन्दू विरोधी गांधी को कोई महात्मा कहकर नहीं पुकारेगा। समारोह को राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री वीरेश त्यागी, मदनश्री महाराज, सत्येन्द्र वशिष्ठ एवं बमबम ठाकुर सहित कई हिन्दूवादी संगठनों के पदाधिकारियों ने संबोधित किया।