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इकनोमिक सर्वे से व्यापारियों को बजट में व्यापार अनुरूप नीतियों की उम्मीद
January 31, 2020 • Snigdha Verma

नोएडा
सुशील कुमार जैन , चेयरमैन ,कैट (दिल्ली एन सी आर ) ने बताया कि 
सरकार द्वारा आज जारी किये गए आर्थिक सर्वेक्षण से उम्मीद है की बजट में देश के व्यापारियों एवं घरेलु व्यापार के विकास को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता में है  क्योंकि सर्वे में सरकार ने स्पष्ट रूप से  निवेश, बचत, निर्यात, विकास और नौकरियों की पहचान करने पर जोर दिया है !  भारतीय अर्थव्यवस्था जो देश को लगभग 7  प्रतिशत प्रति वर्ष की वास्तविक जीडीपी वृद्धि में तेजी लाने और बनाए रखने के लिए प्रेरित करेगी, की ओर सरकार मजबूत से चलेगी ! यह विचार  कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने इकनोमिक सर्वे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आज यहाँ व्यक्त किये ! क्योंकि कॉर्पोरेट सेक्टर वास्तव में अर्थव्यवस्था के विकास में बहुत कुछ नहीं कर पाया इसको देखते हुए यह लगता है की सरकार अब नॉन कॉर्पोरेट सेक्टर को विकास इंजन मानकर उस की वृद्धि पर ध्यान केंद्रित करेगी।

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी.सी. भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन  खंडेलवाल, ने आर्थिक सर्वेक्षण में परिकल्पित सरकार के दृष्टिकोण का स्वागत किया और आशा व्यक्त की कि बजट में घरेलु व्यापार क्षेत्र के  विकास को पूर्ण गति से सुनिश्चित करने के लिए बजट में समर्थन नीति की घोषणा की जाएगी। रोजगार सृजन के लिए कृषि के बाद घरेलु व्यापार दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्र है और बचत के लिए सदैव प्रयत्नशील रहता है । ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार आयकर के तहत छूट की सीमा बढ़ाएगी और देश में बचत को प्रोत्साहित करने के लिएएक समग्र नीति की घोषणा बजट में करेगी !

सुशील कुमार जैन ने आगे कहा कि विकास को 7  प्रतिशत पर बनाए रखने के लिए, मांग, नौकरियों, निर्यात और उत्पादकता में एक साथ वृद्धि के लिए निवेश को महत्वपूर्ण  माना गया है। किन्तु यह अवश्य देखा जाना चाहिए की निवेश किस सेक्टर में आ आवश्यक है ! कैट को उम्मीद है की सरकार बजट में ई कॉमर्स पर लगाम कसने के लिए भी उपायों की घोषणा करेगी ! ग्रामीण मजदूरी में वृद्धि स्पष्ट संकेत है कि अर्थव्यवस्था में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण भारत को उन्नयन और आधुनिकीकरण के साथ बदलने के लिए सरकार तेजी से कदम बड़ा रही है ! इससे ग्रामीण और शहरी भारत के बीच असमानता को दूर करने वाली संतुलित समग्र आर्थिक वृद्धि होगी। यह स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में मदद करेगा और ग्रामीण पलायन को शहरी आबादी में स्थानांतरित करना बंद कर देगा।

श्री भरतिया और श्री खंडेलवाल दोनों ने उम्मीद जताई कि कल पेश होने वाला केंद्रीय बजट व्यापारियों  के लिए उन्हें कई कानूनों और अधिकारियों के चंगुल से मुक्त करने के लिए प्रमुख नीतिगत पहलों की घोषणा करने के लिए एक दस्तावेज होगा और सरकार से उम्मीद हैकि बजट में घरेलु व्यापर को प्रोत्साहित करने तथा व्यापारियों द्वारा अधिक निर्यात करने के लिए समुचित घोषणाएं की जाएँगी !