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कमलनाथ मध्यप्रदेश को ही संभाले, केंद्र में हस्तक्षेप न करें: गोपाल भार्गव
February 23, 2020 • Snigdha Verma • Political


-चुनाव जीतने के लिए वचन तो दे दिए, लेकिन अब पूरे नहीं कर पा रहे हैं तो प्रधानमंत्री  को बता रहे दोषी


भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ मध्यप्रदेश को तो संभाल नहीं पा रहे हैं और केंद्र सरकार के मामलों में हस्तक्षेप कर रहे हैं। कमलनाथ जी को प्रदेशवासियों ने मध्यप्रदेश के लिए चुना है तो वे यहीं पर रहें और प्रदेश की परेशान जनता के लिए कुछ काम करें। उन्होंने चुनाव जीतने के लिए वचन पत्र के माध्यम से तमाम वायदे तो कर लिए थे, लेकिन अब उन्हें पूरा नहीं कर पा रहे हैं तो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को दोषी बता रहे हैं। ये बातें नेता प्रतिपक्ष श्री गोपाल भार्गव ने कही।
नेता प्रतिपक्ष श्री भार्गव ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने पिछले 6 वर्षों में किसानों, युवाओं सहित देश के हर गरीब के लिए इतना कर दिया है कि कांग्रेस की सरकारों ने पिछले 70 वर्षों में भी नहीं किया था। किसानों के लिए पेंशन, फसल बीमा योजना, किसानों की फसलों के लिए उचित समर्थन मूल्य सहित कई ऐसे महत्वाकांक्षी निर्णय केंद्र की मोदी सरकार ने लिए हैं, जिनसे आज देशभर का किसान खुशहाल है, लेकिन प्रदेश की कमल नाथ सरकार अब तक किसानों का कर्जमाफ नहीं कर सकी है और अब दोषारोपण कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष श्री गोपाल भार्गव ने कहा है कि यदि मुख्यमंत्री कमल नाथ प्रदेश में सरकार नहीं चला पा रहे हैं तो वे मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ दें और आईफा अवार्ड जैसे आयोजनों के लिए कंपनी खोलकर इनका टिकट बेचें। इससे अच्छी कमाई कर लेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार पर दोषारोपण करने की बजाए मुख्यमंत्री प्रदेश की जनता की भलाई के लिए काम करें, उनसे किए गए वायदों को पूरा करें तो बेहतर होगा। केंद्र की सरकार बेहतर काम कर रही है और उनके किए गए कामों का ही नतीजा है कि मध्यप्रदेश से कांग्रेस लोकसभा में 28 सीट हार चुकी है।

--मंत्री अपनी गरिमा में ही रहें-
नेता प्रतिपक्ष श्री गोपाल भार्गव ने कांग्रेस सरकार के मंत्री हुकुम सिंह कराड़ा द्वारा सीतामऊ मंदसौर में दिव्यांगों पर दिए बयान पर कहा है कि मंत्री अपनी गरिमा में ही रहकर कार्य करें, उन्हें किसी भी व्यक्ति को अपशब्द कहने का कोई भी अधिकार लोकतंत्र में नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं भी कई वर्षों तक निःशक्तजन, सामाजिक कल्याण मंत्री रहा हूं और मैंने निःशक्तजनों, विकलांग लोगों को बेहद करीब से देखा है कि वे किस तरह से अपना जीवनयापन एवं अपने काम करते हैं। वे अपनी पीड़ा से वैसे ही परेशान रहते हैं और अब मंत्री द्वारा उन्हें अपशब्द कहे जा रहे हैं। ये उचित नहीं है। मंत्री किसी भी तरह का दंभ नहीं भरे और अपनी गरिमा में ही रहकर कार्य करें। नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि कांग्रेस ने दिव्यागों के लिए पेंशन बढ़ाने का वचन दिया था, लेकिन वह भी अब तक पूरा नहीं कर सकें हैं। पहले सरकार अपना वादा पूरा करें।