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केंद्र सरकार छः वर्षों में हर मोर्चे पर विफल रही है - शिव भाटिया
July 2, 2020 • एस. ज़ेड. मलिक • Political

नयी दिल्ली : 22 दिनों से पेट्रोल और डीज़ल दोनों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और केंद्र सरकार के केंद्रीय न्याय विधि मंत्री रवी शंकर प्रसाद और पेट्रोलियम मंत्री यह कह कर अपना पल्ला झाड़ लिया की यह हमारे बस से बाहर है, यह सरकार की नाकामी देश का विडम्बना कहा जाय या जनता की दुर्भाग्य, की जनता ने दुबारा से भाजपा को चुन कर केंद्र में सरकार बनाने का अवसर दिया क्या यह जनता का सब से बड़ा गुनाह था क्या ? वरिष्ठ कांग्रेस नेता पूर्व हरयाणा के हुड्डा सरकार के राजनितिक सलाहकार शिवा भाटिया ने कहा कि यह न केवल बढ़ती कीमतों की जांच करने में सरकार की विफलता है, बल्कि वास्तव में इसका लालच यह है कि ईंधन को बेचने के लिए मजबूर कर रहा है, क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय बाजार से सस्ता है।  ज्ञात हो की 7 जून से लगातार तेल की कीमतों में उछाल के कारण भाटिया, केंद्र सरकार पर प्रति दिन चेतावनीपूर्ण हमला करते आ रहे हैं। 
उन्होंने याद दिलाया की यूपीए की सरकार में इन्ही कीमतों की उछाल पर 2012 , 13 में यही पाक्ष में बैठी भाजपा एनडीए के लोग सड़कों पर तांडव कर रहे थे।  जब की उस समय यूपीए की सरकार में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे इराक़ पर अमेरिका द्वारा हमले के कारण सैंकड़ो तेल के कुएं नष्ट कर दिये गए थे यह जग ज़ाहिर है की उस समय केवल भारत में ही नहीं बल्कि एशिया महादेश के उन देशों में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया था बावजूद इसके मनमोहन सरकार ने न की केवल तेल की कीमतों पे नियंत्रण किया था बल्कि आर्थिक मंदी पर भी नियंत्रण किया था उसमे जीडीपी का ग्रोथ रेट हमारे भारत में  9.5 पर था लेकिन आज मोदी सरकार में हमारे देश की जीडीपी का ग्रोथ रेट - 3 .पर जा टिका है।  
 इतना घाटे में होने के बावजूद हमारे केंद्र की सरकार मीडिया द्वारा और अन्य प्रचार के माध्यम से जीडीपी बढ़ता हुआ दिखा कर भोली भाली जनता को गुमराह करने से बाज़ नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि यूपीए के  शासन के दौरान कांग्रेस पार्टी की आलोचना करने वाली  भाजपा सरकार, मूल दरों में करों को जोड़कर पेट्रोल और डीजल की दर में दिन प्रति दिन वृद्धि कर रही है।  उन्होंने कहा कि आज की तुलना में अप्रैल 2014 में क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल पर था और बाजार में ईंधन की दरें भी कम थीं। जबकि आज बाजार में क्रूड का समान्य मूल्य 43 डॉलर प्रति दिन का है।  जबकि पेट्रोल की दर इन 25 दिनों में प्रति लीटर कूड़े से 9.12 रुपये बढ़ गई, जबकि खुदरा बाजार में डीजल की कीमत में 11 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। एक और करयुक्त  ईंधन बेचकर अपने कार्य तो आसान जो पूरी तरह से सरल हैं और नागरिकों पर पूरी तरह से अमानवीय और अत्याचार हैं।
उन्होंने  ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा की आम आदमी को लूटकर अपना खजाना भरने का काम किया है। आम आदमी पहले ही लॉकडाउन के कारण बेरोज़गारी से बुरी तरह प्रभावित था ही उसे सड़कों पर पैदल चलने के लिए मजबूर कर दिया जिसके कारण लगभग 350 कमज़ोर लोगों की भूक और थकान के कारण मृत्यु हो गई। और उत्तर प्रदेश सरकार पूँजीपत्तीओं के छात्रों के लिए गाडी और अन्य व्यवस्था कर के उन्हें उनके घर तक पहुंचाती रही और गरीबों मज़दूरों के लिए घर पहुंचाने के लिये जब कांग्रेस व्यवस्था करती है तो उसे तरह तरह के आरोप लगा कर उन मज़दूरों को यूपी बॉर्डर  पर रोक लेती है जो जग ज़ाहिर है। 
उन्होंने कहा की भाजपा छः वर्षों में नोटबंदी, एफडीआई , जीएसटी लागू करके जहां व्यापारिओं को धरातल पर लाकर पटक दिया वहीँ सारी सरकारी कम्पनिओं का निजीकरण करके आम आदमी को बेरोज़गार बना दिया तो दुसरी और लद्दाक को केंद्रशासित प्रदेश बनाकर उसे चीन के हवाले करने का मन बना लिया जिसका परिणाम चीन आज 47 कि0 मी0 लद्दाक में अंदर की और घुस गया है कुल मिला कर केंद्र की भाजपा सरकार एक विफल सरकार की हैसियत से काम करती रही है जिसका हिसाब भारत की जनता लेगी।