ALL Crime Ministries Science Entertainment Social Political Health Environment Sport Financial
खेलो इंडिया स्टेट सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए पूरी तरह तैयार है खेल मंत्रालय
June 18, 2020 • Snigdha Verma • Sport

खेलों में बेहतर प्रदर्शन को होगा केआईएससीई की स्थापना : किरेन रिजिजू

 पहले चरण में देश के 08 राज्यों में शुरू होगा काम 

नई दिल्ली। खेल मंत्रालय अपनी फ्लैगशिप खेलो इंडिया योजना के तहत खेलो इंडिया स्टेट सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस (केआईएससीई) की स्थापना के लिए पूरी तरह तैयार है। पूरे देश में एक मजबूत खेल पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के प्रयासों के तहत प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में ऐसा एक सेंटर चिह्नित किया जाएगा। पहले चरण में मंत्रालय ने आठ राज्यों, कर्नाटक, ओडिशा, केरल, तेलंगाना, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम और नागालैंड में सरकारी स्वामित्व वाले ऐसे खेल सुविधा केन्द्रों की पहचान की है, जिन्हें खेलो इंडिया स्टेट सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस में अपग्रेड किया जाएगा।
 
राज्यों में खेल सुविधाओं को मजबूत करने की इस पहल के बारे में केन्द्रीय खेल एवं युवा मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि खेलों में भारत के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए खेलो भारत राज्य उत्कृष्टता केंद्रों (केआईएससीई) की स्थापना की जा रही है। मंत्रालय का प्रयास भारत में प्रत्येक राज्य में उपलब्ध सर्वश्रेष्ठ खेल सुविधाओं को विश्वस्तरीय खेल अकादमियों में तब्दील करना है, जहां देशभर से आने वाले एथलीट अपने अपने खेलों में बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें। श्री रिजिजू ने कहा कि एक सरकारी समिति द्वारा गहन विश्लेषण के बाद इन खेल सुविधाओं की पहचान की गई है। विश्वास है कि इसके माध्यम से देशभर में खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें इस तरह से प्रशिक्षित करने का काम किया जा सकेगा, जिससे वे सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतिस्पर्धाओं विशेष रूप से ओलंपिक खेलों में देश के लिए पदक जीत सकें।

इन खेल सुविधा केन्द्रों के चयन की प्रक्रिया अक्टूबर 2019 में शुरू हुई थी, जब प्रत्येक राज्य और केंद्रशासित प्रदेश को उनके यहां उपलब्ध सर्वश्रेष्ठ खेल अवसंरचनाओं या ऐसी एजेंसियों की पहचान करने का काम सौंपा गया था, जिन्हें विश्व स्तरीय खेल सुविधाओं में विकसित किया जा सकता था। इस बारे में सरकार को कुल 15 खेल सुविधा केन्द्रों के बारे में प्रस्ताव मिले थे, जिन पर विचार के बाद इनमें से 8 केन्द्रों को चुना गया। इनका चुनाव वहां प्राथमिकता वाले खेलों के लिए उपलब्ध प्रशिक्षण सुविधाओं, आवश्यक बुनियादी अवसंरचना तथा वहां से बनकर निकले प्रतिभावान खिलाड़ियों के आधार पर किया गया। 

चयनित मौजूदा केन्द्रों को उत्कृष्टता वाले केन्द्रों में तब्दील करने के लिए  सरकार इन केंद्र में जिन खेलों के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है, उन खेलों के लिए  वैज्ञानिक और तकनीकी आवश्यकताओं तथा प्रशिक्षकों की नियुक्ति और जरुरी उपकरणों की आपूर्ति के लिए आ​र्थिक मदद उपलब्ध कराएगी। हालांकि ऐसी मदद विशेष रूप से ओलंपिक खेलों को ध्यान में रखते हुए ही की जाएगी लेकिन केन्द्र में  खेल विज्ञान तथा उससे संबधित अन्य खेल गतिविधियों के लिए भी ऐसी मदद दी जाएगी। 

राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश इन केन्द्रों को चलाएंगे और इनकी क्षमता बढ़ाकर इन्हें विश्व स्तरीय खेल सुविधा केन्द्रों में बदलने का काम करेंगे। इन केन्द्रों के  प्रबंधन की जिम्मेदारी भी इन्ही पर होगी। खिलाड़ियों के रहने और खाने की सुविधा आदि का काम भी इन्हें ही देखना होगा। हालांकि विशेषज्ञ कोच, सहायक कर्मचारियों, उपकरण तथा आधारभूत अवसंरचना के विकास के लिए कम पड़ने वाली वित्तीय जरुरतों को खेलो इंडिया योजना के जरिए पूरा किया जाएगा।

चयनित आठ केन्द्रों को एक व्यापक विश्लेषण के बाद इंगित की गई आवश्यकता के अनुसार अनुदान दिया जाएगा। व्यापक-आधार पर खेल प्रतिभाओं की पहचान करने के लिए राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश उन खेलों के लिए प्रतिभाओं की पहचान करेंगे, जिनके लिए केन्द्र की ओर से आर्थिक मदद की व्यवस्था की गई है।  भारतीय खेल प्राधिकरणअपनी ओर से इन केंद्रों  के लिए  विशेषज्ञता, संसाधनों और एक निगरानी प्रणाली की व्यवस्था करेगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इन केन्द्रों में प्रशिक्षिण लेने वाले एथलीटों के प्रदर्शन में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुधार हुआ है।

पहले चरण में जिन खेल सुविधा केन्द्रों को खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में तब्दील किया जाएगा, उनमें संगी लाहेन खेल अकादमी, ईटानगर, अरुणाचल प्रदेश, जयप्रकाश नारायण राष्ट्रीय युवा केंद्र, बेंगलुरू, कर्नाटक, जीवी राजा सीनियर सेकेंडरी स्पोर्ट्स स्कूल, तिरुवनंतपुरम, केरल, 
खुमान लम्पक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, इंफाल, मणिपुर, राजीव गांधी स्टेडियम, आइजोल, मिजोरम, स्टेट स्पोर्ट्स अकादमी, आईजी स्टेडियम, कोहिमा, नागालैंड, कलिंग स्टेडियम, भुवनेश्वर, ओडिशा और रीजनल स्पोर्ट्स स्कूल, हकीमपेट, तेलंगाना शामिल है।