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पहली बार नॉन फिक्शन [डाक्यूमेंटरी] फिल्म से फेस्टीवल का आगाज़
January 1, 2020 • Snigdha Verma

जयपुर। वर्ष 2020 की भव्य शुरुआत या यूं कहें सिनेमाई आगाज़ होने को है। पांच दिनों तक सिलसिलेवार दुनिया भर से आई फिल्मों का प्रदर्शन, संवाद, चर्चाएं और सिनेमाई जगत् से जुड़ा बहुत कुछ होने जा रहा है। अपनी ख़ास पहचान स्थापित कर चुके जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल [जिफ] 2020 का भव्य शुभारम्भ होने जा रहा है और गुलाबी नगरी ही नहीं, विश्व भर के सिनेप्रेमियों में इसे लेकर अति उत्साह और रोमांच है।

जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ट्रस्ट और आर्यन रोज़ फाउण्डेशन की ओर से आयोजित जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल [ जिफ] का आगाज़ इस वर्ष 17 से 21 जनवरी को आयनॉक्स सिनेमा हॉल, जी.टी. सेन्ट्रल में होने जा रहा है।

वहींजिफ 2020 की ओपनिंग सेरेमनी 17 जनवरी को महाराणा प्रताप ऑडिटोरियम में शाम पांच बजे से होगीजहां फेस्टिवल की ओपनिंग फिल्मों का प्रदर्शन होगा।

डॉक्यूमेंट्री फिल्म अमेरीकन मिररइंटीमेशंस ऑफ इमॉर्टेलिटी से उठेगा जिफ 2020 का पर्दा

सफलता के नए प्रतिमानों के साथ, अपने 12वें वर्ष में प्रवेश कर रहे जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2020 को बहुत ख़ास बनाने जा रही हैं इसकी ओपनिंग और क्लोज़िंग फिल्में। यह पहली बार होगा, जब किसी फिल्म फेस्टिवल का पर्दा एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म के प्रदर्शन से उठेगा। यह फिल्म होगी - अमेरीकन मिररइंटीमेशंस ऑफ इमॉर्टेलिटी

अमेरीकन मिररइंटीमेशंस ऑफ इमॉर्टेलिटी एक घण्टे 2 मिनट की डॉक्यूमेंट्री और एक्सपेरिमेंटल फिल्म है, जो आर्थर बाल्डर के निर्देशन में बनी है। यू.एस. में बनी यह फिल्म आज की ज़िंदगी की क्रूर सच्चाईयों से दर्शकों को रूबरू करवाएगी। लगभग एक घण्टे लम्बी इस फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह हम सब फेसबुक – इंस्टाग्राम पर अपनी उजली लेकिन झूठी ज़िंदगियां परोस रहे हैं, जबकि हम भीतर पैठे सच और खूबसूरती को पूरी तरह भुलाते जा रहे हैं। फिल्म दिखाती है कि किस तरह हम ख़ुद को और दूसरों को सोशल मीडिया पर देखते हैं, जहां परफेक्ट ब्यूटी और इंस्टेंट ग्रेटिफिकेशन की मांग है।

ऑस्कर विजेता सूजैन सैरनडॉन के अभिनय से सजी है फिल्म

फिल्म का विषय तो ख़ास है ही, वहीं फिल्म की एक खूबी यह भी है कि यह सूजैन सैरनडॉन के अभिनय से सजी है, जो अब तक चार फिल्मों के लिए ऑस्कर अवॉर्ड्स के लिए नॉमिनेट हुई हैं, वहीं एक फिल्म के लिए ऑस्कर भी जीत चुकी हैं। वहीं, फिल्म भी अपने प्रासंगिक विषय के चलते कई विख्यात अवॉर्ड्स अपने नाम कर चुकी है।

राजस्थान की धरोहर को बयां करती फिल्म चीड़ी बल्ला से होगी जिफ की शुरुआत

जिफ 2020 की दूसरी ओपनिंग फिल्म रहेगी चीड़ी बल्ला। राजस्थानी में बनी इस फिल्म का ओपनिंग फिल्म बनना राजस्थान के वासियों के लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है। राजस्थानी भाषा में बनी एक घण्टे 51 मिनट की यह फीचर फिल्म राजस्थान की कला, खेल और संस्कृति की ख़ासियत बताती हुई आगे बढ़ती है।

राधेश्याम पिपलवा निर्देशित चीड़ी बल्ला [स्मैश] फतेहपुर की शेखावाटी हाई स्कूल में पढ़ रहे भगत के बारे में है, जिसे किसी तरह अपने स्कूल को बंद होने से बचाना है। स्कूल को बचाने का एक ही रास्ता है – बैडमिंटन के राज्य स्तरीय टूर्नामेंट में हिस्सा लेना और जीतना। घर – मोहल्ले की गलियों में बिना किसी साधन के चीड़ी – बल्ला खेलने वाले भगत के सामने चुनौती है कि वह राज्य स्तर के बैडमिंटन टूर्नामेंट में अपने स्कूल को जिता सके। अब देखना यह है कि क्या भगत बिना किसी ट्रेनिंग और कोच की मदद के यह मैच जीत सकेगा और अपने स्कूल की प्रतिष्ठा को बचा सकेगा?…

अब आप ये जानना चाह रहे होंगे कि जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2020 की क्लोज़िंग फिल्में कौनसी रहेंगी। सिनेमा की दुनिया में एक मास्टरपीस मानी जाने वाली फिल्म फॉस्ट – अ रिटर्न फ्रॉम द फ्यूचर से जिफ 2020 का पर्दा गिरेगाजो 21 जनवरी को आयनॉक्स सिनेमा हॉलजी.टी. सेन्ट्रल में प्रदर्शित होगी।

मास्टरपीस फिल्म फॉस्ट – अ रिटर्न फ्रॉम द फ्यूचर से गिरेगा जिफ 2020 का पर्दा

मारिया एलेक्सिया के निर्देशन में बनी 1 घण्टे 21 मिनट लम्बी फिल्म फॉस्ट – अ रिटर्न फ्रॉम द फ्यूचर सिनेमा की दुनिया में एक मास्टरपीस है। जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की क्लोज़िंग सेरेमनी में दिखाई जाने वाली इस फिल्म का विषय कवि गोथे की महान् रचना फॉस्ट पर आधारित है। ग्रीस में बनी यह फिल्म वर्तमान समाज की पड़ताल करती है, वह भी बहुत अनूठे तरीके से। डांस, पेंटिंग और दूसरी विधाओं के ज़रिये समाज का सांकेतिक रूप दिखाया गया है, जो दर्शकों को बांधे रखता है।

निस्सन्देह निर्देशक मारिया ने विश्व सिनेमा को एक बेहतरीन फिल्म दी है। फिल्म में मुख्य पात्र एक रचनाकार है, जो ज़िंदगी के सच को एक इंसानी दानव से रिश्ते के ज़रिए समझता है। फिल्म का विषय बहुत प्रासंगिक है, जो सभी को जोड़ता है।

फिल्म को ख़ास बनाती है इसमें इस्तेमाल हुई लाइटिंग, जो फिल्म के मूड को बनाए रखती है। फिल्म की एडिटिंग भी बेहतरीन है। फिल्म में संकेतों के ज़रिए कहानी को दिखाया गया है, जैसे फिल्म की थीम डांस के स्टेप्स के साथ आगे बढ़ती है। फिल्म पूरी तरह काव्यात्मक [पोएटिक] है।

चीन की 92 मिनट लम्बी फीचर फिक्शन फिल्म सन राइज़ेस फ्रॉम दा ईस्ट पोल को फिनिक्स डॉन्ग ने निर्देशित किया है। फिल्म एक आम लड़की युएयान जू के बारे में है, जो शादी के ठीक एक दिन पहले गायब हो जाती है, जबकि उसका होने वाला पति जिउआन एक सेलिब्रिटी है। राज़ की बात यह है कि युएआन अचानक यूं कहां और क्यूं गायब हो गई?

हालांकि शादी में आया यह मोड़ भी अख़बारों की सुर्खियों में छा जाता है। वहीं सेलेब्रिटी जिउआन की मां को पता चलता है कि शादी समारोह के कई दिन पहले ही दोनों कानूनन शादी कर चुके थे। वह चाहती है कि दोनों का तलाक हो जाए, जिससे जिउआन की जायदाद सुरक्षित रहे। हालांकि लड़की के लापता होने की स्थिति में तलाक कैसे हो? ऐसे में वह एक वकील को यह काम सौंपती है कि जिउआन और युएआन के रिश्ते की तह तक पहुंचा जाए।

बहुत खुशी की बात है कि ओपनिंग और क्लोजिंग फिल्मों के निर्देशक और क्रू मेंबर्स भी समारोह में शिरकत करने जयपुर आ रहे हैं। निस्सन्देह यह फिल्म प्रेमियों के लिए एक खुशनुमा मौका है।