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राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता ने प्रदर्शित की मिनिएचर पेंटिंग्स - फैशन शो के दौरान मॉडल्स ने हॉर्न एंड बोन और मेटेल ज्वैलरी प्रदर्शित कर बिखेरे जलवे
July 18, 2020 • Snigdha Verma • Entertainment

नई दिल्ली। देश की परंपरागत चित्रकारी में राजस्थान की मिनिएचर पेटिंग्स का अहम स्थान है। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) के महानिदेशक राकेश कुमार ने बताया कि राजस्थान का जयपुर शहर मुगलकालीन मिनिएचर पेंटिग्स के लिए प्रसिद्ध है। आईएचजीएफ दिल्ली मेले (वर्चुअल) के पांचवें दिन अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित शिल्पगुरु बाबूबाल मरोटिया ने मिनिएचर पेंटिग्स बनाने की कला का प्रदर्शन किया। श्री मरोटिया ने इस कला को अपने जीवन के शुरुआती पड़ाव यानी 10 साल की उम्र से सीखना शुरू किया और अपना पूरा जीवन ही इस कला को समर्पित कर दिया। आईएचजीएफ दिल्ली मेले के प्रेसीडेंट नीरज खन्ना ने कहा कि श्री मरोटिया ने न सिर्फ उत्कृष्ट कलाकृतियों का निर्माण किया, बल्कि अपने पूरा जीवन इस कला को अगली पीढ़ियों को सिखाने में लगा दिया। बाबूलाल मरोटिया ने कहा कि मिनिएचर पेंटिग्स बनाने के लिए वह प्राकृतिक पत्थरों से निकले हुए रंगों का इस्तेमाल करते हैं। सफेद रंग के लिए वह जमीन के नीचे पाए जाने वाली खड़िया पत्थर, लाल रंग के लिए हिंगलू पत्थर, पीले रंग के लिए तबतिया हार्टेल जैसे तमाम पत्थरों का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने बताया कि वह सीनरी बनाने में फिनिशिंग कलर के लिए बबूल के पेड़ से मिलने वाले गम का इस्तेमाल करते हैं। हर कलर के दो शेड्स का वो इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने बताया कि एक रंग बनाने के लिए 10 दिन तक हर दिन उसे 7 से 8 घंटे तक पीसा जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी पेटिंग बेसिल हैंडमेड कागज पर बनाई जाती है। पेपर का साइज पेंटिग के हिसाब से तय किया जाता है। अपनी पेंटिग्स की सजावट और दिव्यता के लिए वो हलकान में असली सोने और चांदी और पत्तियों का इस्तेमाल करते हैं। बाबूलाल मरोटिया को पहला राष्ट्रीय पुरस्कार 1997 में मिला था। इसके अलावा उन्हें साल 2016 में शिल्पगुरु पुरस्कार और साल 2018 में अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्होंने अपनी मिनिएचर पेंटिग कला का प्रदर्शन वर्चुअल मंच पर करने का अवसर देने के लिए ईपीसीएच का आभार व्यक्त किया। आईएचजीएफ दिल्ली मेले के दौरान फैशन शो का आकर्षण शनिवार को भी जारी है। आयोजन के पांचवें दिन मॉडल्स ने हार्न एंड बोन और मेटल के आभूषणों का प्रदर्शन कर रैंप पर अपने जलवे बिखेरे। मॉडल्स ने राहुल्स इंप्लेक्स की हॉर्न एंड बोन ज्वैलरी और केनवे सरताज वर्ल्ड वाइड की मेटल ज्वैलरी का प्रर्दशन किया। इसके साथ ही मॉडल्स ने नीडल क्राफ्ट एंड जीके एक्सपोर्ट्स के बीच वेयर समर कलेक्शन, मैंगो इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड और ओल्ड विलेज ओवरसीज के लेदरवेयर और स्टोल्स को भी प्रदर्शित किया।