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सड़कों पर उतरकर हिंसा व तोड़फोड़ एवं सरकारी सम्पत्ति आदि को नुकसान पहुँचाने का कतई भी काम नहीं करती बीएसपी:मायावती
December 21, 2019 • Snigdha Verma


नई दिल्ली : बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश कुमारी मायावती जी ने आज यहाँ कहा कि बी.एस.पी. देश में एक मात्र ऐसी अनुशासित व बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर द्वारा निर्मित भारतीय संविधान के कानून-कायदों में भी विश्वास रखने वाली पार्टी है जो देश व जनहित एवं कमज़ोर वर्गों के हितों के मुद्दों पर भी अपना धरना-प्रदर्शन आदि प्रशासन की लिखित अनुमति से व पूरे शान्तिमय ढंग से ही करती है तथा इसके द्वारा अर्थात् धरना-प्रदर्शन के ज़रिये कभी भी किसी हिंसा व तोड़फोड़ एवं आगज़नी आदि को बढ़ावा नहीं दिया जाता है जो कि यह जग-ज़ाहिर भी है।
मीडिया से आज सुबह यहाँ बात करते सुश्री मायावती जी ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा लाये गये नये नागरिकता कानून एवं एन.आर.सी. को भी ज़बर्दस्ती थोपे जाने को लेकर पूरे देशभर में जो जगह-जगह व्यापक जन आक्रोश व्याप्त है तो बी.एस.पी. पूरे तौर से इसके साथ है, किन्तु इस मामले में मैं अपनी पार्टी के लोगों से यह भी अपील व अनुरोध भी करती हूँ कि वे देश में वर्तमान में व्याप्त इमरजेन्सी जैसे दमनकारी हालात के मद्देनज़र रखते हुये दूसरी पार्टियों के लोगों की तरह सड़कों पर कतई भी ना उतरें बल्कि वे इसके विरोध में डाक/मेल आदि द्वारा ही अपना लिखित में ज्ञापन सम्बन्धित राज्य के डी.एम., सीएम व गवर्नर आदि को भेजेेें तो यह देश के वर्तमान हालात में ज़्यादा उचित व बेहतर होगा। अर्थात् दूसरी पार्टियों के लोगांे की तरह सड़कों पर निकलकर हिंसा व तोड़फोड़ तथा सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने आदि का काम कतई भी न करें। इससे जनता को परेशानी होती है तथा सरकारी सम्पत्ति की भी भारी क्षति होती है इसीलिए बी.एस.पी. इन सबके खिलाफ है व इनसे ज्यादातर दूर ही रहती है।
उन्होंने कहा कि बी.एस.पी. ने केन्द्र सरकार द्वारा धर्म के आधार पर लाए गये नये नागरिकता संशोधन बिल को विभाजनकारी व असंवैधानिक मानकर इसका प्रारम्भ से ही विरोध किया है और फिर संसद के दोनों सदनों में भी इसका विरोध करते हुए इसके खिलाफ में अपना मतदान भी किया है। और इतना ही नहीं बल्कि पूरी तरह से लोकतांत्रिक पद्धति अपनाते हुए मेरे दिशा-निर्देशन में इस सम्बंध में बी.एस.पी. का संसदीय दल आदरणीय राष्ट्रपति जी से मिला और इस कानून की वापसी के साथ-साथ जामिया व अलीगढ़ में हुई हिंसा व पुलिस बर्बता आदि की उच्च-स्तरीय न्यायिक जांच की भी लिखित ज्ञापन के जरिये माँग भी की।
इसके अलावा बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन कुमारी मायावती जी ने बार-बार अनेकों अपने ट्वीटों, बयानों, प्रेस विज्ञप्तियों व मीडिया वार्ता आदि के माध्यम से भी इस नये नागरिकता कानून का तीव्र जबरदस्त विरोध किया है। इसके साथ ही, इन्होंने देश के विभिन्न भागों में कल हुई हिंसा व मैंगलोर आदि में हुई मौतों की तीव्र निन्दा व भत्र्सना भी की है तथा सम्बन्धित कानून के मामले में आमजनता से शान्तिपूर्ण ढंग से इसके विरोध की अपील भी की है, तो यही देश व जनहित में बेहतर होगा।