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स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 में सर्वाधिक अवार्ड पाने वाला प्रदेश बना उत्तर प्रदेश
August 20, 2020 • विशेष प्रतिनिधि • Social

स्वच्छ महोत्सव कार्यक्रम में प्रदेश के कुल 19 नगर हुए सम्मानित

लखनऊ। भारत सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी अखिल भारतीय स्तर पर कराये गये स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 में उत्तर प्रदेश की 19 निकायों ने विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान पाने वाले निकायों में अपना स्थान बनाया है। स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 का परिणाम कोविड-19 के कारण बहुप्रतीक्षित था और पुरस्कृत किये जाने वाले नगरों की सूची को अब आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा घोषित कर दिया गया है। 

यह गौरव की बात है कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 के परिणामों के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक पुरस्कार पाने वाला राज्य है। प्रदेश की 19 नगर निकायों को, जिनमें दो कैंट क्षेत्र भी शामिल हैं, यह सम्मान प्रदान किया जा रहा है। शीर्ष 12 अवार्डों में से 02 अवार्ड यूपी को मिले हैं।

अवार्ड का कार्यक्रम गुरुवार को वर्चुअल प्लेटफार्म पर हुआ। केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कार्यक्रम के आरम्भ में स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) के महत्वपूर्ण घटकों से जुड़े विभिन्न सस्थाओं स्वच्छताकर्मी/ लाभार्थियों एवं कचरे का पुनरुपयोग कर आय अर्जित करने वाले स्वयं सहायता समूह के प्रतिनिधियों के साथ सीधे ऑनलाइन संवाद करने के दौरान फिरोजाबाद नगर में कार्य कर रहे स्वयं सहायता समूह के प्रतिनिधियों से भी वार्ता की। 

संवाद कार्यक्रम के बाद केंद्रीय मंत्री ने देश के चुने हुए 12 शहरों को पुरस्कृत किया और इस कैटेगरी में राज्य के 02 नगर निगमों वाराणसी एवं शाहजहांपुर के महापौर तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ राज्य स्तर पर उपरोक्त पुरस्कार समारोह में नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन, मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश, नगर विकास के पूर्व प्रमुख सचिव, मनोज कुमार सिंह के साथ वर्तमान प्रमुख सचिय, दीपक कुमार द्वारा प्रतिभाग किया गया। उपरोक्त 02 नगर निगमों के अतिरिक्त प्रदेश के अन्य 17 निकाय, जो सम्मानित किये गये हैं, उनमें लखनऊ, फरीदाबाद, कन्नौज, चुनार, गंगाघाट, आवागढ़, मेरठ कैण्ट, गजरौला, मुरादनगर, स्याना, पलियाकला, मल्लावां, बरूआ सागर, बकेवर, बलदेव, अछलदा, मथुरा कैण्ट शामिल हैं। 

स्वच्छ सर्वेक्षण प्रतियोगिता अखिल भारतीय स्तर पर प्रत्येक वर्ष आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित करायी जाती है। विगत 03 वर्षों से राज्य द्वारा सतत रूप से उत्तरोत्तर प्रगति की गयी है। जहां वर्ष 2018 में राज्य की 03 निकाय और वर्ष 2019 में 14 निकायों को सम्मान मिला था, वहीं इस वर्ष 2020 के सर्वेक्षण परिणाम में यह संख्या बढ़ कर 19 हो गयी है। 

स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) के अन्तर्गत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रदेश में व्यक्तिगत शौचालयों का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। लगभग 60 हजार सीटों के सामुदायिक/ सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया है। प्रदेश की समस्त नगरीय निकायों में महिलाओं के लिये विशेष रूप से पिंक शौचालय का निर्माण कराया गया है। प्रदेश के समस्त निकाय खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं और उन्हें प्रमाणित भी किया जा चुका है। साथ ही प्रदेश में 413 निकाय और 17 नगर निकाय का स्तर हासिल कर चुके हैं। प्रतिबंधित प्लास्टिक के संबंध में प्रदेश के सभी नगर निकायों में चलाये गये अभियान के अन्तर्गत 731.59 टन प्लास्टिक जब्त की गई और दण्ड स्वरूप 10.95 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूल किया गया है। 

स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 पुरस्कार समारोह के दौरान ही ''स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 परिणाम डैश बोर्ड'' लोकार्पण भी किया गया। उसके बाद सर्वेक्षण के परिणाम ऑनलाइन उपलब्ध हो गये। 10 लाख से अधिक आबादी वाले नगरों की श्रेणी में भी प्रदेश के कई नगरों द्वारा अपनी रैकिंग में काफी सुधार किया है। लखनऊ 12वें स्थान, आगरा 16वें स्थान, गाजियाबाद 19वें स्थान, प्रयागराज 20 स्थान, कानपुर 25वें स्थान और वाराणसी को 27वां स्थान मिला है। कार्यक्रम का प्रसारण विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लाइव टेलीकास्ट के माध्यम से व्यापक रूप से कराये जाने हेतु मंत्रालय द्वारा व्यवस्था की गयी है और प्रदेश में भी सभी निकायों में उक्त कार्यक्रम का प्रसारण व्यापक रूप से देखे जाने के प्रबन्ध किये गये।