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टिड्डी नियंत्रण के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री श्री तोमर ने की हेलीकॉप्टर सेवा की शुरूआत
June 30, 2020 • Snigdha Verma • Ministries

देश में पहली बार ड्रोन के साथ ही अब हेलीकॉप्टर द्वारा भी टिड्डी नियंत्रण

केंद्र सरकार पूरी तरह सजग, टिड्डियों के प्रकोप से बचाने के लिए तमाम उपाय- श्री तोमर

ब्रिटेन से आई 15 मशीनों से टिड्डी नियंत्रण जारी, 11 जुलाई तक 45 और मशीनें मिलेगी

नई दिल्ली। देश में पहली बार ड्रोन द्वारा टिड्डी नियंत्रण की पिछले दिनों हुई शुरूआत के बाद, आज केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  नरेंद्र सिंह तोमर ने इसी मकसद से हेलीकॉप्टर सेवा की भी शुरूआत ग्रेटर नोएडा में हरी झंडी दिखाकर की। एरियल स्प्रे के माध्यम से टिड्डी नियंत्रण के लिए भारत में पहली बार हेलीकॉप्टर की तैनाती की गई है। इस अवसर पर मीडिया से चर्चा में श्री तोमर ने बताया कि टिड्डी नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह सजग है और तमाम उपाय किए गए हैं। ब्रिटेन से आई 15 मशीनों सहित देश में पहले से उपलब्ध अन्य सभी संसाधनों से टिड्डी नियंत्रण का कार्य तेजी से चल रहा है। ब्रिटेन से 11 जुलाई तक 45 और मशीनें भी भारत आ जाएगी।

स्प्रे उपकरणों के साथ बेल हेलीकॉप्टर को केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने उद्योग विहार, गौतम बौद्ध नगर, ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) स्थित इंडोकॉप्टर्स हेलीपैड से मंगलवार दोपहर में रवाना किया। हेलीकाप्टर द्वारा 250 लीटर कीटनाशक क्षमता से एक उड़ान में लगभग 25 से 50 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर किया जा सकता है। इस हेलीकॉप्टर ने वायुसेना स्टेशन उत्तरलाई, बाड़मेर के लिए उड़ान भरी, जहां इसकी तैनाती की गई है। वहां से बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, जोधपुर व नागौर के रेगिस्तानी इलाके में आवश्यकतानुसार इसका उपयोग किया जाएगा। इस मौके पर केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री कैलाश चौधरी एवं क्षेत्रीय सांसद डा. महेश शर्मा तथा कृषि सचिव श्री संजय अग्रवाल भी मौजूद थे।

यहां मीडिया से चर्चा में श्री तोमर ने कहा कि पिछली बार ही इस बात का अंदेशा था कि इस वर्ष टिड्डी का प्रकोप गत वर्ष की तुलना में और अधिक होगा, इसलिए केंद्र सरकार पहले से ही इस तैयारी में लगी थी। केंद्र सरकार ने उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें सभी राज्यों के जनप्रतिनिधि व अधिकारी भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री सहित अन्य सभी स्तर पर चर्चाएं की गई थी। राज्य व जिला प्रशासन भी जागरूकता के साथ काम कर रहे हैं और केंद्र सरकार के साथ उनका तालमेल बना हुआ है। राज्यों को एसडीआरएफ से फंड की भी स्वीकृति प्रदान की गई। मानव संसाधन व मशीनें बढ़ाते हुए केंद्र सरकार के 200 से ज्यादा कर्मचारी 60 नियंत्रण टीमें बनाकर वाहनयुक्त स्प्रे उपकरणों के माध्यम से टिड्डी नियंत्रण कार्य कर रहे हैं। नियंत्रण क्षमताओं को मजबूत करने के लिए 55 अतिरिक्त वाहन खरीदे गए हैं। भारत सरकार ने ब्रिटेन से 5 एरियल स्प्रे किटों की आपूर्ति का आदेश जारी किया है। पहली 2 किट सितंबर-2020 में आना है और शेष 3 किट, पहली किट सफल होने के एक महीने बाद प्राप्त की जानी है। ये किट भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टरों में भारतीय वायु सेना की सहमति से लगाए जाएंगे।

केंद्रीय मंत्रालय के स्तर पर हुई बैठक में ड्रोन, हेलीकॉप्टरों व हवाई जहाजों के माध्यम से टिड्डी नियंत्रण के लिए वायु नियंत्रण क्षमताओं को मजबूत करने की आवश्यकता भी महसूस की गई। श्री तोमर ने समीक्षा बैठक में निर्देश दिया था कि विभाग को टिड्डी नियंत्रण के लिए वायु नियंत्रण क्षमताओं का पता लगाना चाहिए जो ड्रोन और हेलीकॉप्टर/एयरक्रॉफ्ट के माध्यम से ऐसे हवाई स्प्रे संचालन का कार्य कर सकते हैं। जरूरी औपचारिकताओं के बाद ड्रोन, विमान/हेलीकॉप्टर के माध्यम से कीटनाशकों के हवाई स्प्रे के लिए सामान व सेवाओं की खरीद की सुविधा के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कृषि मंत्रालय को पूरा सहयोग करते हुए अनुमति दी है।

श्री तोमर ने बताया कि टिड्डियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने 5 कंपनियों की ड्रोन की सेवाएं, प्रति कंपनी 5 ड्रोन प्रदान करने के लिए ली है। अब तक 12 ड्रोन जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर व नागौर में नियंत्रण के लिए तैनात किए गए हैं। टिड्डी नियंत्रण के लिए ड्रोन का उपयोग करने वाला भारत दुनिया का पहला देश बन गया है। ड्रोन लंबे पेड़ों व दुर्गम क्षेत्रों के लिए प्रभावी है। एक ड्रोन एक घंटे में 16-17 हेक्टेयर क्षेत्र कवर कर सकता है। इसी के साथ रेगिस्तानी क्षेत्र में हवाई स्प्रे के लिए हेलीकाप्टर तैनाती की शुरूआत भी आज से हो गई है।

भारत सरकार के टिड्डी चेतावनी संगठन और 10 टिड्डी सर्कल कार्यालय राजस्थान (जैसलमेर, बीकानेर, फलौदी, बाड़मेर, जालौर, चूरू, नागौर, सूरतगढ़ और गुजरात (पालनपुर और भुज) में स्थित हैं। ये सर्कल कार्यालय मुख्य रूप से राजस्थान व गुजरात के 2 लाख वर्ग किलोमीटर अनुसूचित रेगिस्तान क्षेत्र में टिड्डी का सर्वेक्षण और नियंत्रण करते हैं। टिड्डी चेतावनी संगठन और सर्कल कार्यालय, टिड्डी नियंत्रण के संबंध में राज्य सरकार के अधिकारियों और किसानों को प्रशिक्षित करते है। राज्य सरकार जिला प्रशासन व अपने कृषि विभाग के माध्यम से फसली क्षेत्र में नियंत्रण गतिविधियां संचालन करती है।